मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के द्वारा महिलाओं को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान पर विवाद हो गया है। बरैया के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बरैया यह दावा करते नजर आ रहे हैं कि भारत में सबसे ज्यादा बलात्कार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं से होते हैं।
कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा, ‘‘तो मेरा कहने का मतलब है… बलात्कार की थ्योरी यह है कि कोई आदमी रास्ते में जा रहा है और उसे अगर खूबसूरत लड़की दिखाई दी, सुंदर अति सुंदर… तो उसका दिमाग विचलित हो सकता है। तो बलात्कार हो सकता है।’’
बरैया ने सवालिया अंदाज में कहा- आदिवासियों, दलितों और ओबीसी में कौन सी अति सुंदर स्त्री है?
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कांग्रेस विधायक ने आगे कहा, ‘‘क्यों होता है बलात्कार (इन वर्गों की महिलाओं के साथ)? क्योंकि उनके धर्म ग्रंथों में इस तरह के निर्देश दिए गए हैं।’’ संवाददाता द्वारा यह पूछे जाने पर कि यह किस धर्म ग्रंथ में लिखा गया है, इसके जवाब में बरैया ने कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया।
अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले दतिया के भांडेर से कांग्रेस विधायक बरैया ने एक मीडिया संस्थान को दिए इंटरव्यू में यह टिप्पणी की है।
बरैया के खिलाफ कार्रवाई करे कांग्रेस- मुख्यमंत्री मोहन यादव
मुख्यमंत्री मोहन यादव और बीजेपी ने बरैया की टिप्पणी की कड़ी निंदा की और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से कांग्रेस विधायक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल में यूनियन कार्बाइड परिसर का दौरा करने के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘समाज में जहर घोलने वाला बयान देकर फूल सिंह बरैया ने सामाजिक विद्वेष फैलाने का काम किया है।’’
यादव ने कहा कि राहुल गांधी विधायक को निलंबित करें, पार्टी से बाहर करें ताकि लगे कि उनके मन में समाज के बाकी वर्गों के लिए भी कोई सम्मान है। यादव ने कहा कि वह बरैया के बयान की निंदा करते हैं।
क्या यही कांग्रेस की असली सोच है?
बीजेपी की मध्य प्रदेश इकाई के मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल ने बरैया के बयान का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया है और विधायक को कांग्रेस से निष्कासित किए जाने की मांग की है। उन्होंने पूछा कि देश जानना चाहता है कि क्या यही कांग्रेस की असली सोच है? क्या यही ‘संविधान बचाओ’ का पाखंड है?’’
बीजेपी नेता ने कहा कि इस प्रकरण में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार को चुप्पी साधे रखने का कोई अधिकार नहीं है।
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