कांग्रेस ने इसी साल अप्रैल-मई में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। इसी को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को पांच चुनावी राज्यों के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की। कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को असम और पार्टी महासचिव सचिन पायलट को केरल की जिम्मेदारी दी है।
किसे क्या जिम्मेदारी मिली?
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। असम के लिए भूपेश बघेल, डीके शिवकुमार और झारखंड इकाई के वरिष्ठ नेता बंधु तिर्की को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कांग्रेस ने असम के लिए इन प्रमुख नेताओं को वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त करने के कुछ दिन पहले ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को राज्य से संबंधित स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया था।
केरल के लिए सचिन पायलट के साथ कर्नाटक सरकार के मंत्री केजे जॉर्ज, राज्यसभा सदस्य इमरान प्रतापगढ़ी और पार्टी के युवा नेता कन्हैया कुमार को वरिष्ठ पर्यवेक्षक बनाया गया है। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ इस बार सत्ता की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। हाल के स्थानीय निकाय के चुनाव में उसने शानदार प्रदर्शन किया था।
बंगाल में इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी
तमिलनाडु और पुडुचेरी के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुकुल वासनिक, तेलंगाना सरकार के मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी और उत्तराखंड विधानसभा के सदस्य काजी मोहम्मद निजामुद्दीन को जिम्मेदारी मिली है। पश्चिम बंगाल के लिए कांग्रेस ने त्रिपुरा के वरिष्ठ नेता सुदीप रॉय बर्मन, बिहार में कांग्रेस के विधायक दल के नेता रहे शकील अहमद खान और पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी को वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
लोकसभा 2024 के बाद विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की करारी हार हुई है। महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार में कांग्रेस की करारी हार हुई। लेकिन अब आने वाले चुनाव में कांग्रेस मजबूती से मैदान में उतरना चाहती है।
