जनवरी के आखिर में हिमालय के ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी के कारण पारा कई इलाकों में पारा जमाव बिंदु से बहुत नीचे जा चुका है जबकि मैदानों में बर्फीली हवाएं जारी हैं। दुनिया के दूसरे सबसे ठंडे इलाके द्रास में पारा जमाव बिंदु से 31.4 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। उधर केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्त्वाकांक्षी केदारपुरी पुनर्निर्माण परियोजना का काम अगले 10 दिन के लिए रोक दिया गया है। मौसम विभाग ने दिल्ली व आस पास के इलाकों में मंगलवार को भी शीतलहर की चपेट में रहने की आशंका जताई है। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि करगिल जिले के द्रास इलाके में रविवार रात न्यूनतम तापमान शून्य से 31.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। कश्मीर घाटी में तेज शीतलहर का प्रकोप जारी है।
उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी हुई है। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने सोमवार को बताया कि पिछले कुछ दिनों से हिमालयी धाम में भारी हिमपात की वजह से केदारनाथ में सात-आठ फुट मोटी बर्फ की परत जम गई है, जिससे वहां पुनर्निर्माण के काम में जुटे श्रमिकों के लिए काम करना असंभव हो गया है। उन्होंने कहा कि भारी हिमपात से क्षेत्र में गढ़वाल मंडल विकास निगम की कुछ झोपड़ियां, बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं जिससे केदारनाथ धाम में बिजली की आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है। घिल्डियाल ने कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए सभी निर्माण कार्यों को अगले 10 दिन के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।
हिमाचल में सूरज चमकने के बावजूद कुफरी, मनाली, डलहौजी और शिमला समेत कई इलाकों में तेज शीतलहर का प्रकोप जारी है, जहां तापमान गिरकर क्रमश: शून्य से 5.8 डिग्री, शून्य से 5.3 डिग्री, शून्य से 1.3 डिग्री और शून्य से एक डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। जनजातीय बहुल जिले लाहौल-स्पीति की प्रशासनिक राजधानी केलांग राज्य का सबसे ठंडा इलाका बना हुआ है जहां तापमान गिरकर शून्य से 17 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। एक अन्य जनजातीय बहुल जिले किन्नौर के कालपा में तापमान शून्य से 7.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया है। अधिकारी ने बुधवार से हिमाचल में भारी बर्फबारी और बारिश का अनुमान जताया है।
राजस्थान के भी कई हिस्से पिछले दो दिन से शीतलहर की चपेट में हैं और न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। चुरू और माउंट आबू में न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग के प्रवक्ता के अनुसार राज्य के एक मात्र पर्वतीय पर्यटक स्थल माउंट आबू में न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस जबकि चुरू में 0.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि भीलवाड़ा, वनस्थली, झुंझुनूं, सीकर, कोटा, चित्तौड़गढ़, डबोक, पाली, और चुरू शीतलहर की चपेट में रहे। विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान सीकर, झुंझनूं और चुरू में शीतलहर चलने के साथ साथ पाला पड़ने की संभावना जताई है।
दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में शीतलहर जारी है। पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण राजधानी में सोमवार को न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस तक आ गया। साल 2012 के बाद पहली बार 28 जनवरी के दिन न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस से नीचे गया है। दिन का तापमान भी सामान्य से तीन डिग्री कम 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी शीतलहर जैसे हालात रहेंगे और रात का तापमान गिरकर एक बार फिर से चार डिग्री पर पहुंच सकता है। दिन का तापमान भी 5 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। सर्द हवाएं जारी रहेंगी।
निजी मौसम एजंसी स्काईमेट के मुताबिक, शीतलहर की शुरुआत 20 दिसंबर से हुई और अब तक छोटे-छोटे अंतराल पर राहत के बीच शीतलहर का सिलसिला जारी है। इस दौरान सबसे ठंडा दिन 29 दिसंबर को रहा, जब न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अब तापमान के इस स्तर पर जाने की संभावना नहीं है लेकिन शीतलहर जैसे हालात बने रहेंगे। वहीं बारिश से धुल चुका प्रदूषण एक बार फिर बढ़ने लगा है। 31 जनवरी के आसपास फिर से हल्की बारिश की संभावना बन रही है, लेकिन इससे प्रदूषण से खास राहत की संभावना नहीं है।

