मंगलवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना महामारी के दौरान अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना की शुरुआत की और एक पोर्टल लांच किया। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सामाजिक सुरक्षा योजना की शुरुआत के मौके पर दो और बड़े ऐलान भी किए। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर किसी परिवार के कमाने वाले की मौत हो गई है तो उस परिवार को हर महीने 2500 रुपए पेंशन के रूप में दिए जाएंगे। इसके अलावा अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना महामारी की वजह से अनाथ हुए बच्चे को 25 साल की उम्र तक हर महीने 2500 रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। हालांकि केजरीवाल ने साफ़ कर दिया कि अगर किसी बच्चे के माता पिता में से एक की मौत पहले हो चुकी है और दूसरे की मौत कोरोना की वजह से हुई है तो उसे भी इस योजना का लाभ मिलेगा।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली ने कोरोना वायरस संक्रमण की चार लहर का सामना किया है। चौथी लहर ने लगभग हर परिवार को प्रभावित किया और कई लोगों की जान ली। उन्होंने कहा कि कई बच्चे अनाथ हुए। कई परिवारों ने घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य खो दिया। ऐसी स्थिति में एक जिम्मेदार सरकार होने के नाते हमने इस योजना की संकल्पना की।
अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा कि इन योजनाओं के लाभार्थी को दस्तावेजों के कारण परेशान ना किया जाए। केजरीवाल ने कहा कि हम एक पोर्टल शुरू कर रहे हैं जिसके माध्यम से ऐसे लोग वित्तीय सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। हमारे प्रतिनिधि भी ऐसे परिवारों का दौरा करेंगे और आवेदन भरवाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये प्रतिनिधि दस्तावेजों के खोने की स्थिति में परिवार के दावों को खारिज नहीं करेंगे और सिर्फ प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।
योजना की शुरुआत के मौके पर अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा कि इस इस महामारी में जिन्होंने अपनों को खोया है, उसकी भरपाई तो कोई नहीं कर सकता। लेकिन ‘मुख्यमंत्री COVID-19 परिवार आर्थिक सहायता योजना’ से हमारी कोशिश इस मुश्किल वक्त में उन परिवारों का साथ देने की है ताकि वे हालातों से लड़कर आगे बढ़ सकें

