दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार सुबह-सुबह हुई बारिश ने तापमान गिरा दिया है, पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी ने भी मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ाई है। इस ठंड के प्रकोप ने ट्रेनों की रफ्तार को थाम दिया है, फ्लाइट कैंसिल हुई हैं और सड़क पर भी स्पीड पर ब्रेक लगा है।

दिल्ली समेत उत्तर भारत में भीषण ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। दिल्ली में गुरुवार सुबह इस साल का तीसरा सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने दिल्ली में शुक्रवार को घने कोहरे को लेकर ‘पीली चेतावनी’ जारी की है।

उधर, कश्मीर के अधिकतर हिस्सों में न्यूनतम तापमान में आई भारी गिरावट के कारण श्रीनगर सहित कई स्थानों पर इस मौसम की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई। डल झील और कई अन्य जलस्रोतों में पानी जम गया और राष्ट्रीय राजधानी तथा उत्तर प्रदेश में पारा और नीचे चला गया। वहीं राजस्थान के कई इलाकों में सुबह भी घना कोहरा छाया रहा। विभाग के आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी में यह इस मौसम का तीसरा सबसे कम न्यूनतम तापमान रहा। सफदरजंग में पारा गिरकर 5.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री कम है, जिससे यह सर्दी के इस मौसम का तीसरा सबसे कम न्यूनतम तापमान बन गया।

दिल्ली के अन्य निगरानी केंद्रों में, पालम में न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.7 डिग्री कम था। लोधी रोड पर न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रिज और आयानगर बाकी पेज 8 पर

दोनों जगहों पर तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इस मौसम का सबसे कम न्यूनतम तापमान चार और पांच दिसंबर को 5.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। एक दिसंबर को न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस था, जिससे गुरुवार का न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस इस सर्दी में अब तक दर्ज किया गया तीसरा सबसे कम तापमान बन गया है।

दिल्ली में इस साल का पहला शीत दिवस छह जनवरी को दर्ज किया गया था, जब अधिकतम तापमान गिरकर 15.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस मौसम के औसत से 3.3 डिग्री कम था, जबकि न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम था। बुधवार को भी राजधानी में भीषण ठंड का प्रकोप जारी रहा था। अधिकतम तापमान 16.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम था, और न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री सेल्सियस रहा था, जो मौसमी औसत से 1.7 डिग्री कम था।

मौसम विभाग के अनुसार, शीत दिवस की स्थिति तब घोषित की जाती है जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम हो जाता है और अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 4.5 से 6.4 डिग्री नीचे गिर जाता है।

चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 10 जनवरी तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। विभाग ने सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी, रोहतक, झज्जर, चरखी दादरी, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, नूंह और पलवल में ‘शीत दिवस’ की चेतावनी जारी की है। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण पहाड़ों की बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों में दिख रहा है।

केंद्र के अनुसार, हरियाणा में अगले दो दिनों तक ‘शीत लहर’ और शीत दिवस’ की स्थिति बनी रहेगी। वहीं हिमाचल में 11 जनवरी तक घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। विभाग के अधिकारियों ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भी बर्फीली शीत लहर की स्थिति जारी रही, 13 जिलों में तापमान शून्य से नीचे और चार में शून्य के करीब रहा। हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में भी ठंड की स्थिति बनी रही। हरियाणा में नारनौल सबसे ठंडा स्थान रहा।