BMC Elections: बीएमसी चुनाव नतीजों में बीजेपी-महायुति गठबंधन की जीत मिली है। बीजेपी को 89 और एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना को 29 सीटे मिली हैं। शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने किसी भी तरह की खरीद-फरोख्त के प्रयास को विफल करने के लिए अपने 29 पार्षदों को एक पांच सितारा होटल में ठहराया है। इसको लेकर नए सियासी कयास लगाए जाने लगे हैं और उद्धव ठाकरे गुट वाली शिवसेना यूबीटी ने तंज कसते हुए सस्पेंस बढ़ा दिया है।

दरअसल, शिवसेन यूबीटी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दावा कि पर्दे के पीछे बहुत कुछ चल रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी बहुमत हो, चाहे जितना भी बड़ा क्यों न हो, अस्थिर ही होता है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि ठाकरे टीम के सदस्य उस पांच सितारा होटल में दोपहर का भोजन करने जा रहे हैं, जहां शिदे के पार्षद ठहरे हुए हैं।

आज की बड़ी खबरें

‘उन्हें हम शक नहीं हो’

संजय राउत ने कहा कि उनकी टीम के लोग लंच करने जा रहे हैं, इसलिए उन्हें (एकनाथ शिंदे) हम पर किसी भी तरह का शक नहीं करना चाहिए। बीजेपी और शिंदे की शिवसेना के पास मेयर बनाने के लिए बहुमत है, लेकिन अभी ये देखना होगा कि मेयर किस पार्टी का बनता है।

शिवसेना और ठाकरे बंधुओं का लगातार दो दशक से ज्यादा वक्त तक शिवसेना का ही राज रहा है। ऐसे में अब जब गठबंधन में बीजेपी के पास शिवसेना के मुकाबले तीन गुना ज्यादा सीटें हैं, तो बीजेपी अपना मेयर बनाने के संकेत दे रही है।

यह भी पढ़ें: कांग्रेस से अलग होना उद्धव ठाकरे को पड़ा भारी? कैसे विपक्षी फूट ने बीजेपी-शिंदे की राह की आसान

बीजेपी की उम्मीदों को लगेगा झटका?

बीजेपी की उम्मीदों को लेकर सियासी पारा इसलिए भी चढ़ गया है क्योंकि शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने अपने ही पार्षदों को एक होटल में रखा है, जिससे हॉर्स ट्रेडिंग न हो। इसको लेकर ही शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत हमलावर हैं।

संजय राउत ने कहा कि एकनाथ शिंदे उपमुख्यमंत्री हैं, फिर भी उन्हें डर है कि उनके पार्षदों को दूसरे दल में शामिल कर लिया जाएगा। यह कितना बड़ा मजाक है। संजय राउत ने कहा कि एकनाथ शिंदे की पार्टी के पार्षद बीएमसी में भाजपा के महापौर को नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि कई पार्षद नए हैं; वे शिवसैनिक हैं, और वे भाजपा के महापौर को नहीं चाहते।

फड़नवीस बोले- दलबदल का सवाल ही नहीं

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने होटल में पार्षदों से मुलाकात की तो इस मुद्दे पर सीएम देवेंद्र फड़नवीस का बयान भी आया। उन्होंने कहा कि जैसे मैं पुणे में नवनिर्वाचित पार्षदों से मुलाकात कर रहा हूं, वैसे ही शिंदे भी नए पार्षदों से मिल रहे हैं। उन्होंने सभी को बैठक के लिए बुलाया होगा। दलबदल का कोई सवाल ही नहीं उठता है।

यह भी पढ़ें: अखिलेश यादव ने फिर उठाए EVM पर सवाल, वोटर लिस्ट के मुद्दे को लेकर जाएंगे सुप्रीम कोर्ट