तिरंगे पर महबूबा मुफ्ती के बयान के बाद बीजेपी आक्रामक है। उनके बयान  के विरोध में बीजेपी आज श्रीनगर से कुपवाड़ तक तिरंगा यात्रा निकाल रही है। इस दौरान बीजेपी के चार कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया। वे लाल चौक पर तिरंगा फहराने जा रहे थे। हालांकि बाद में महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी के दफ्तर जाकर कार्यकर्ताओं ने तिरंगा फहरा दिया। इसमें बिजेपी के अलावा अन्य संगठनों के भी कार्यकर्ता शामिल थे। दरअसल रिहा होने के बाद महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि जब तक कश्मीर मे दोबारा अनुच्छेद 370 बहाल नहीं हो जाता वह कोई झंडा नहीं थामेंगी। उनकी टेबल पर कश्मीर का झंडा रखा हुआ था।

महबूबा के इस बयान के बाद देशभर में कई संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं बीजेपी ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से पूर्व सीएम के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज करने की भी अपील की है। वहीं शिवसेना के संगठन ने कहा कि महबूबा मुफ्ती और फारूख अब्दुला को पाक भेज देना चाहिए। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद महबूबा मुफ्ती को नजरबंद कर दिया गया था। रिहा होने के बाद उन्होंने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। यहां सवाल पूछा गया कि क्या वह तिरंगा उठाएंगी? इसपर उन्होंने कश्मीर के झंडे की तरफ इशारा करते हुए कहा था, जब तक यह फिर से नहीं आ जाता, कोई झंडा नहीं उठाऊंगी।

कांग्रेस ने भी महबूबा के इस बयान से पल्ला झाड़ लिया था। शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर कांग्रेस समिति ने महबूबा के बयान कि निंदा की थी और कहा कि यह बर्दाश्त करने योग्य नहीं है।

महबूबा मुफ्ती और नैशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने मिलकर अनुच्छेद 370 लागू करवाने के लिए पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डेक्लेरेशन का गठन किया है। इसमें फारूख अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला भी शामिल हैं। गुपकार डेक्लेरेशन की पिछली बैठक में फारूख अब्दुल्ला ने कहा था कि वह देशद्रोही नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं तो केवल कश्मीर के लोगों को न्याय दिलाना चाहता हूं। मैं देशद्रोही नहीं हूं।’

महबूबा के बयान पर यूपी के मंत्री मोहसिन रजा ने भी उन्हें सलाह देते हुए कहा था कि उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए। रजा ने कहा कि ये ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे गैंग के लोग हैं। ये कभी नहीं चाहते कि अखंड भारत में भाईचारा बना रहे।’ उन्होंने कहा कि हम देशहित में फैसले लेते हैं औऱ उनसे पीछे नहीं हटते हैं।