ओडिशा में सत्ताधारी बीजू जनता दल (बीजद) और भाजपा के बीच करीबी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। बीजद ने राज्यसभा के लिए होने वाले उपचुनाव में राज्य की तीन सीटों में एक सीट पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार के समर्थन करने का ऐलान किया है।
राज्य के सीएम नवीन पटनायक की पार्टी की तरफ से यह कदम पीएम नरेंद्र मोदी के आग्रह के बाद उठाया गया है। दरअसल, भाजपा ओडिशा की एक सीट से पूर्व प्रधानमंत्री और भारत्न अटल बिहार वाजपेयी के निजी सचिव रहे पूर्व आईएएस अश्विनी वैष्णव को राज्यसभा भेजना चाहती है।
हालांकि, बीजद के पास इतना संख्या बल है कि वह राज्य की तीनों सीटों जीत सकती है। इसके बावजूद उसने पीएम मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आग्रह को स्वीकार कर भाजपा उम्मीदवार के समर्थन करने का फैसला लिया है। राज्य की 147 सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा के 23 विधायक हैं।
5 जुलाई को होगा मतदानः राज्यसभा की रिक्त सीटों के लिए 5 जुलाई को मतदान होना है। भाजपा ने यहां से अश्विनी वैष्णव को अपना उम्मीदवार भी घोषित कर दिया है। इससे पहले नवीन पटनायक ने मोदी सरकार के एक राष्ट्र, एक चुनाव के फैसले का भी समर्थन किया था। इससे पहले राज्य में उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला।
शाम में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बीजेडी प्रवक्ता सस्मित पात्रा, पार्टी के आईटी सेल प्रमुख और पूर्व अकाउंटेंट जनरल अमर पटनायक और वैष्णव के नाम का ऐलान किया। लेकिन उस समय भ्रम कि स्थिति बन गई जब भाजपा ने नवीन पटनायक की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ट्वीट किया कि पार्टी ने वैष्णव को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
चूंकि वैष्णव किसी भी दल से नहीं जुड़े हैं, ऐसे में यह दुविधा पैदा हो गई कि वे राज्यसभा में किस दल का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके बाद सीएम नवीन पटनायक ने दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात की घोषणा की कि वैष्णव भाजपा के उम्मीदवार होंगे और बीजू जनता दल उनका समर्थन करेगी। नवीन ने पूर्व आईएएस वैष्णव की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि वैष्णव ओडिशा कैडर के अधिकारी रहे हैं और उन्होंने राज्य की सेवा की है।

