बिहार में विधानसभा चुनाव के संभावित नतीजों पर टीवी चैनल न्यूज18 इंडिया के डिबेट शो ‘आर पार’ में भाजपा और कांग्रेस प्रवक्ताओं के बीच खूब बहस हुई। डिबेट में कांग्रेस प्रवक्ता ने एनडीए गठबंधन से अलग चुनाव लड़े रहे चिराग पासवान की एलजेपी को भाजपा की ही टीम बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने नीतीश कुमार का घर जलाने के लिए ‘चिराग’ जलाया है। कांग्रेस प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने भाजपा नेता गौरव भाटिया की एक टिप्पणी के जवाब में ये बात कही।
दरअसल गौरव भाटिया कांग्रेस के उस कटाक्ष का जवाब दे रहे थे जिसमें कहा गया कि एनडीए ने बिहार में पहले ही हार मान ली। भाजपा प्रवक्ता ने इसे मुंगेरीलाल के हसीन सपने करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रवक्ता कहते हैं कि एनडीए ने हार मान ली और बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने जा रही है। बकौल भाटिया ये मुंगेरीलाल के हसीन सपने की तरह है। चुनाव में कांग्रेस अध्यक्ष तो अपने घर से ही नहीं निकलीं। इसलिए उनके लिए एक बात कहूंगा कि ‘मंजिल मिल ही जाएगी, भटककर ही सही, गुमराह तो वो हैं जो घर से निकले ही नहीं।’
#आर_पार
भाजपा ने कहा- महागठबंधन देख रहा है मुंगेरीलाल के हसीन सपने, कांग्रेस ने कहा- भाजपा ने जदयू का घर जलाने के लिए जलाया 'चिराग़'#BiharElections2020 #BiharElections @AMISHDEVGAN pic.twitter.com/ElFna7SBGS— News18 India (@News18India) November 5, 2020
भाजपा नेता ने तंज कसते हुए कहा कि सोनिया गांधी घर से तो निकलें। अब चुनाव प्रचार खत्म हो चुका, मगर वो घर से बाहर नहीं निकलीं। इधर भाजपा प्रवक्ता के तंज पर प्रतिक्रिया देते हुए रोहन गुप्ता ने चिराग पासवान और पीएम मोदी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पीएम 18-18 घंटे काम करते हैं। वो प्रचार करते हैं। मगर उन्हें बिहार में इतनी सारी रैलियां क्यों करनी पड़ रही हैं? बकौल गुप्ता क्योंकि वहां उन्हें जमीनी स्तर का हाल पता है। इसमें सीएम नीतीश की गलती भी नहीं हैं। वो हार स्वीकार कर चुके हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा नीतीश के हार स्वीकार करने के पीछे जो मुख्य वजह है वो है भाजपा का वादा ना निभाना। उनके साथ भाजपा ने गद्दारी की है। चुनाव की शुरुआत से ही भाजपा ने अपना ‘चिराग’ जलाया। ये चिराग जेडीयू का घर जलाने के लिए जलाया गया। वो सिलसिला रुका ही नहीं। मगर भाजपा अब अपने ही खेल में फंस चुकी है।
बता दें कि रोहन गुप्ता के ‘चिराग’ जलाने वाले वाक्य को चिराग पासवान से जोड़कर देखा जा रहा है जो सीएम नीतीश से मतभेद के चलते एनडीए गठबंधन से अलग चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने अपने अधिकतर उम्मीदवार जेडीयू के खिलाफ उतारे हैं।

