बिहार की राजधानी पटना में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे वार्ड सचिवों और पुलिस के बीच झड़प की खबरें आ रही हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और पानी की बौछार कर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहन पर पथराव कर दिया। वहीं, प्रशासन का कहना है कि इस झड़प के दौरान 50 जवान जख्मी हुए हैं।
सोमवार को वार्ड सचिव संघ के सदस्य अपनी मांगों को लेकर धरने के 14वें दिन भाजपा दफ्तर पहुंचे थे। ऑफिस का घेराव कर सैकड़ों वार्ड सचिव धरने पर बैठ गए थे, जिसके वजह से स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। संघ के सदस्यों का कहना था कि सरकार की तरफ से कोई उनसे बात करेगा, उसके बाद ही वे लोग धरना खत्म करेंगे।
इसके बाद पुलिस प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कोशिश कर रही थी। जबकि, प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वह 13 दिन से गरदली बाग में थे, लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही थी इसलिए अब वे लोग यहां आए हैं। पुलिस द्वारा हटाने पर वहां झड़प जैसी स्थिति पैदा हो गई, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर हालात को काबू में करने की कोशिश की लेकिन प्रदर्शनकारियों ने जवानों पर पथराव करना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उनको काबू में करने के लिए पानी की बौछारें की।
डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम पटना के सीईएम, एम एस खान ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया, ”पंचायत सचिवों ने भाजपा कार्यालय के बाहर गैरकानूनी तौर पर धरना प्रदर्शन किया। मंत्री से अप्वाइंटमेंट के बाद भी वे लोग हिंसा पर उतारू थे। हमने उन्हें तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन, आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस झड़प में करीब पुलिस के 50 जवान घायल हुए हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दो साल बीत जाने के बाद उनका कार्यकाल 5 साल बढ़ा दिया गया, लेकिन अभी तक वेतन नहीं मिला। शनिवार को भाजपा विधायक मुरारी मोहन झा धरना स्थल गर्दनीबाग पहुंचे थे और वार्ड सचिवों से मुलाकात की थी।
