असम में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इस बीच मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाला नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) 126 विधानसभा सीटों में से 106 सीटें जीत सकता है। हिमंता के अनुसार राज्य में बीजेपी की सरकार बनेगी। इससे पहले सीएम ने कहा था कि 22 सीटें हम नहीं जीत सकते और इसलिए उसपर बीजेपी चुनाव नहीं नहीं लड़ेगी।

सीट शेयरिंग पर क्या बोले हिमंता बिस्वा?

हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने असम गण परिषद (AGP) से बातचीत की है। हम बिना किसी मुश्किल के सीटें शेयर करने की स्थिति में हैं। यह व्यवस्था काफी हद तक पिछले चुनाव जैसी ही होगी, बस कुछ छोटे-मोटे बदलाव होंगे।” उन्होंने कहा कि गठबंधन के साथियों के साथ सीट-शेयरिंग पर शुरुआती बातचीत पूरी हो गई है, और BJP की सेंट्रल लीडरशिप की मीटिंग के बाद फाइनल लिस्ट तैयार की जाएगी।

NDA पहली बार 2016 में असम में 86 सीटें जीतकर सत्ता में आई थी। BJP को 60, सहयोगी AGP को 14, और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) को 12 सीटें मिलीं थी। वहीं कांग्रेस को 26 और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) को 13 सीटें मिलीं। जबकि 2021 में BJP को फिर से 60 सीटें मिली लेकिन AGP को केवल 9 सीट मिली। BPF ने सिर्फ़ चार सीटें जीतीं और बाद में अलायंस से बाहर हो गई। NDA ने 75 सीटों के साथ सरकार बनाई। वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड प्रोग्रेसिव अलायंस ने 50 सीटें जीतीं थी।

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हिमंता बिस्वा सरमा ने दिसंबर में कहा था कि BJP के 22 मुस्लिम-बहुल चुनाव क्षेत्रों में जीतने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा था कि इसलिए हमारा टारगेट 100 सीटें पार करना है।

AGP ने क्या कहा?

AGP ने कुछ चुनाव क्षेत्रों में BJP के साथ ‘फ्रेंडली फाइट’ के संकेत दिए हैं। वहीं इस पर जवाब देते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा था कि AGP अपने फैसले लेने के लिए आज़ाद है। उन्होंने कहा था, “वे एक इंडिपेंडेंट पार्टी हैं, और हम उनके अंदरूनी मामलों में दखल नहीं देंगे। हालांकि जब अलायंस पॉलिटिक्स की बात आती है, तो सही बातचीत और समझौते होने चाहिए।”