राजधानी दिल्ली में शनिवार को तापमान में गिरावट के साथ वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। यहां न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से एक डिग्री कम है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सीपीसीबी के अधिकारियों ने आशंका जताई है कि ठंडक बढ़ने के साथ-साथ राजधानीम में प्रदूषण की समस्या बढ़ सकती है।

वहीं, सीपीसीबी के मुताबिक दिल्ली में सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 231 दर्ज किया गया। गाजियाबाद में यह 210, गुरुग्राम में 172, नोएडा में 250 और ग्रेटर नोएडा में 292 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण निंयत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अधिकारियों ने आशंका जताई है कि ठंडक बढ़ने के साथ प्रदूषण के कण नीचे जमा होने शुरू हो जाएंगे तो प्रदूषण का स्तर और खराब हो सकता है।

इसे देखते हुए प्रदूषण कम करने के त्वरित कार्य बल के पहले चरण के उपाय शुरू कर दिए गए हैं। शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे दिल्ली की हवा में सापेक्षिक नमी 62 फीसद दर्ज की गई। मौसम विभाग ने रविवार को दिन में आसमान साफ रहने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग (आइएमडी) के अनुसार, रविवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

केंद्र सरकार की वायु गुणवत्ता आयोग ने शुक्रवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद अधिकारियों को होटल व रेस्तरां में कोयले के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों व ताप ऊर्जा संयंत्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। सर्दी के दौरान दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लागू की जाने वाली केंद्र सरकार की चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना के तहत यह कदम उठाया गया है।

‘नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई’

जनसत्ता संवाददाताा: दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने राष्ट्रीय राजधानी में धूल-कण प्रदूषण की रोकथाम के लिए शनिवार को महीने भर का एक अभियान शुरू किया और कहा कि संबद्ध नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में पहुंचने पर केंद्र के वायु गुणवत्ता आयोग ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी के प्राधिकारों को होटलों व रेस्तराओं में कोयले के इस्तेमाल पर रोक लगाने तथा प्रदूषणकारी उद्योगों एवं ताप बिजली संयंत्रों के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया था ।

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने प्रदूषण के लिहाज से ‘हाटस्पाट’ बने वजीरपुर का औचक दौरा कर हालात का जायजा लिया। राय ने बताया कि वजीरपुर इलाके में बढ़े प्रदूषण का कारण अवैध पार्किंग, ट्रैफिक जाम और निर्माण कार्य है। उन्होंने स्थिति को काबू करने के लिए संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

धूल रोधी अभियान के पहले चरण के तहत सात नवंबर तक मुहिम चलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार धूल प्रदूषण को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है, पूरी दिल्ली में 591 टीमें तैनात की गई हैं। निर्माण एजंसियों के लिए 14 सूत्री निर्देश लागू करना आवश्यक। इसका उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई होगी।

धूल का प्रदूषण रोकने के लिए 530 वाटर स्प्रिंकलर( पानी का छिड़काव करने की मशीनें), 82 एमआरएस मशीनें और 258 मोबाइल एंटी स्माग गन तैनात की गई हैं। प्रदूषण को कम करने के लिए हाट स्पाट के लिए अलग-अलग विशेष कार्ययोजना बनाई गई है। यह कदम केंद्र सरकार की प्रदूषण नियंत्रण योजना के तहत उठाया गया है।

यह योजना ‘क्रमबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना’ के नाम से जानी जाती है और इसे सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लागू किया जाता है। राय ने कहा कि खराब होती वायु गुणवत्ता के मद्देनजर ‘धूल-कण विरोधी अभियान’ शुरू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें 500 वर्गमीटर से अधिक दूरी पर सभी स्थानों पर धूल-कण नियंत्रण उपकरण लगाया जाना शामिल है तथा वेबपोर्टल के माध्यम से वास्तविक समय पर उसकी निगरानी की जाएगी।

राय ने कहा कि दिल्ली में सबसे अधिक प्रदूषण वाले 13 स्थानों के लिए अलग-अलग एवं विशिष्ट कार्य योजनाएं तैयार की गई हैं।
और उसके लिए 40 वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों के वायु गुणवत्ता आंकड़ों को आधार बनाया गया है।