Arvind Kejriwal Bail: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत मिलने के चलते शुक्रवार को जेल से बाहर आ गए। उनकी रिहाई की खुशी में आम आदमी पार्टी के समर्थकों ने जमकर ढोल-नगाड़े बजाए और आतिशबाजी भी की। यह आतिशबाजी दिल्ली सरकार के लिए सवालिया निशान खड़े करने वाली साबित हुई क्योंकि हाल ही में दिल्ली सरकार ने पटाखों पर बैन लगाने का आदेश जारी किया था। इसके चलते अब केजरीवाल की रिहाई पर आतिशबाजी करने वाले आप समर्थकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है।
दरअसल, न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की रिहाई के बाद आप समर्थकों के आतिशबाजी करने को लेकर दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की है। बता दें कि केजरीवाल के तिहाड़ से निकलने के बाद उनके समर्थकों ने तिहाड़ जेल से लेकर उनके आवास तक के रास्ते में जमकर आतिशबाजी की थी।
4 दिन पहले ही बैन हुए थे पटाखे
वहीं इस आतिशबाजी को लेकर बीजेपी ने दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय को निशाने पर लिया था। बीजेपी ने सवाल भी पूछे थे कि अगर उनमें हिम्मत है तो दीवाली पर राष्ट्रीय राजधानी में पटाखे फोड़ने पर बैन हटाया जाए। बता दें कि 4 दिन पहले दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने राजधानी में पटाखे फोड़ने पर बैन लगा दिया था।
दिल्ली BJP ने उठाए थे सवाल
गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जेल से रिहाई के बाद आतिशबाजी को लेकर दिल्ली बीजेपी मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने कहा था कि तीन दिन पहले मंत्री गोपाल राय ने पटाखे फोड़ने पर बैन लगाया था। ये पटाखे खास हैं शायद उनमें से ऑक्सीजन नाइट्रोजन निकल रहे हैं।
बीजेपी मीडिया प्रभारी प्रवीण शंकर ने X पर लिखा था कि दिवाली पटाखों को दिल्ली के प्रदूषण का दोषी बता कर प्रतिबंध लगाने वाले गोपाल राय बताएं। यह अरविंद केजरीवाल के चेले चपाटे पटाखे कहां से ला कर चला रहे हैं? क्या आम आदमी पार्टी के पटाखों से प्रदूषण नहीं होता। वहीं इसको लेकर फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेड्स एसोसिएशन के चेयरमैन परमजीत सिंह पम्मा ने कड़ी आलोचना की और कहा कि हम लोग अपने त्योहार पर पटाखे नहीं चला सकते।
उन्होंने कहा कि चाहे वो दिवाली हो गुरपर्व हो मगर, मुख्यमंत्री के जमानत पर बाहर आने पर खुलेआम पटाखे चलाने पर पॉल्यूशन क्या नहीं हो रहा?
