जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के एतिहासिक फैसले से पहले मोदी सरकार ने मंगलूरू स्थित कोल्लुर मूकाम्बिका मंदिर में पूजा करवाई थी। इस पूजा के लिए बनाए गए प्रसाद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए दिल्ली भिजवाया गया। फैसला लेने से कुछ घंटे पहले मंदिर प्रशासन को वित्त मंत्रालय की तरफ से फोन कॉल आया था।

मंदिर के पुजारी केएन सुब्रमण्य अदिगा ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि ‘वित्त मंत्रालय की तरफ से हमें फोन कॉल आया और हमसे कहा गया कि यह पूजा भारत और देशवासियों के लिए आयोजित की जाए। केंद्र सरकार की तरफ से इस तरह का यह पहला आवेदन था। हमें यह नहीं बताया गया था कि यह पूजा क्यों करवाई जा रही है। लेकिन बाद में हमें पता चला कि यह आर्टिकल 370 के फैसले को लेकर थी। हमने चंडिका होमा हवन किया। यह पूजा दो से ढाई घंटे की होती है जो कि दोपहर में की जाती है।’

उन्होंने आगे बताया ‘मंदिर के अन्य वरिष्ठ पूजारी पूजा के दो दिन बाद प्रसाद लेकर दिल्ली रवाना हुए। इसके बाद 7 अगस्त को हमारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई और हमने उन्हें प्रसाद दिया। इसके अगले ही दिन सुबह के समय पुजारियों ने प्रधानमंत्री मोदी से उनके आवास पर मुलाकात कर उन्हें भी प्रसाद दिया।’

पुजारी के मुताबिक पीएम से करीब 15 मिनट की मुलाकात में उन्होंने कहा कि वे देश और देशावसियों के लिए पूजा करें। गृह मंत्री अमित शाह ने भी पूजा पर खुशी जताई। जब मोदी को कोल्लुर मंदिर के दर्शन के लिए आमंत्रित किया गया तो उन्होंने कहा कि जब देवी मां उन्हें बुलाएंगी तो वह जरूरत आएंगे।’