कोरोना वायरस महामारी के बीच स्वास्थकर्मी जी जान से लोगों की मदद में जुटे हुए हैं। कोरोना वॉरियर भले ही लोगों की जान बचाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हों लेकिन उन्हें अपना घर चलाना मुश्किल हो रहा है। ऐसा हाल देश की राजधानी दिल्ली के अस्पताल हिंदू राव का है। डॉक्टर्स सोशल मी़डिया पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी तस्वीरें वायरल भी हो रही हैं लेकिन प्रशासन इसकी सुनवाई नहीं कर रहा है।

यहां डॉक्टरों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। सिस्टम की बदहाली से मजबूर डॉक्टरों ने ऑनलाइन कैंपेन विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। अस्तपाल के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के जनर सेक्रेटरी डॉ. सागर दीप का कहना है कि डॉक्टर्स ऐसे ही अपनी फोटो सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन में पोस्ट करते रहेंगे जबतक उन्हें वेतन नहीं दिया जाता है। डॉक्टर अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचा रहे हैं इसके बाद भी उनको सैलरी नहीं दी जा रही है।


उन्होंने बताया कि आखिरी बार इन लोगों को जून में वेतन मिला था। तीन महीने से वेतन नहीं आया है। इससे डॉक्टरों परेशान हैं, उन्होंने बताया कि कोविड ड्यूटी पर 50 डॉक्टर तैनात हैं और किसी को भी वेतन नहीं मिला है।

उत्तरी एमसीडी के तहत आने वाले हिंदू राव, महर्षि वाल्मीकि संक्रामक रोग, कस्तूरबा अस्पताल, गिरधारी लाल मातृत्व अस्पताल और राजन बाबू इंस्टीट्यूट ऑफ पल्मोनरी मेडिसिन एंड ट्यूबरकुलोसिस के अलावा 21 डिस्पेंसरी, 63 प्रसूति एवं बाल कल्याण केंद्र, 17 पॉलीक्लीनिक्स और सात प्रसूति गृह के डॉक्टर और नर्स भी वेतन देरी की वजह से विरोध कर रहे हैं।

उत्तरी एमसीडी के मेयर जयप्रकाश का कहना है, ‘वह इस मुद्दे को सुलझाने के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की एक बैठक बुलाएंगे। उनका कहना है कि कोरोना वायरस के चलते नगरपालिका का बजट प्रभावित हुआ है। उन्होंने दिल्ली सरकार पर 1,200 करोड़ रुपये के बकाए का भुगतान नहीं करने का भी आरोप लगाया।