संशोधित नागरिकता कानून (CAA) को लेकर देश में विवाद जारी है। इसी बीच ऑल इंडिया एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट चेयरमैन मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने संशोधित नागरिकता कानून (CAA) का समर्थन किया है। बिट्टा का कहना है कि कानून प्रताड़ितों को नागरिकता देने के लिए बनाया गया है। भारत कोई धर्मशाला नहीं है।

मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने बीते दिनों पाकिस्तान में ननकाना साहिब गुरूद्वारे पर भीड़ द्वारा पथराव किए जाने और भड़काऊ बयान दिए जाने की भी जमकर आलोचना की। बिट्टा ने कहा कि ‘यदि वह अपाहिज ना होते, तो पाकिस्तान में ननकाना साहिब जाकर दोषियों का सिर काट देते।’ बता दें कि बीते दिनों ननकाना साहिब गुरूद्वारे पर पाकिस्तान के कट्टरपंथियों की भीड़ ने पथराव कर दिया था।

इसके साथ ही भीड़ का नेतृत्व कर रहे शख्स ने गुरूद्वारे का नाम बदलने की धमकी भी दी थी। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसे लेकर पाकिस्तान को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था। उसी घटना पर ऑल इंडिया एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष ने उक्त बात कही।

मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने इस घटना को लेकर पाकिस्तान समर्थक सिखों और खालिस्तान समर्थकों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और उनकी आलोचना की। पंजाब केसरी के साथ बातचीत में बिट्टा ने ये बातें कहीं।

बिट्टा ने संशोधित नागरिकता कानून का समर्थन करते हुए कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उनका जबरन धर्मांतरण किया जा रहा है। इसलिए सीएए के जरिए सरकार ऐसे प्रताड़ित लोगों को भारत की नागरिकता दे रही है।

वहीं मुस्लिमों को कानून से बाहर रखने के सवाल पर बिट्टा ने कहा कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धर्म के आधार पर मुस्लिमों को प्रताड़ित नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही भारत कोई धर्मशाला नहीं है, जो सभी को नागरिकता दे दी जाए। बिट्टा ने ये भी कहा कि सीएए किसी की नागरिकता नहीं छीन रहा है और देश के मुसलमानों को इससे डरने की जरूरत नहीं है।

मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 के प्रावधान हटाने के सरकार के फैसले का भी समर्थन किया और दावा किया कि अब कश्मीर में शांति आएगी और कट्टरपंथ पर रोक लग सकेगी।