अलीगढ़ में ढाई साल की मासूम के मर्डर के बाद जनाक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जिले में जगह-जगह घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन किए गए, जहां प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई। कहीं-कहीं तो हालात काबू करने के लिए पुलिसकर्मियों को मजबूरन भीड़ पर लाठियां भांजनी पड़ीं। यही वजह है इलाके में सुरक्षा इंतेजाम चाक-चौबंद कर दिए गए हैं। इसी बीच, बजरंग दल के कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतर आए हैं। सभी मिलकर आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग उठा रहे हैं।
वहीं, म.प्र के भोपाल से बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने क्षेत्र (अलीगढ़ में) पहुंचने की कोशिश की, पर उन्हें बीच में रोक दिया गया। सूत्रों ने बताया कि पुलिस को आशंका थी कि उनके वहां पहुंचने से कहीं स्थिति और न बिगड़ जाए, लिहाजा उन्हें जेवर टोल प्लाजा से आगे नहीं जाने दिया गया।
इसी बीच, मृतका के पिता को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से मुलाकात का न्योता मिला, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। हुआ यूं कि सीएमओ से पीड़ित पिता को फोन कॉल की गई थी, जिसमें उनसे मामले के संबंध में राजधानी लखनऊ आकर योगी से मिलने के लिए कहा गया। उन्होंने इस पर कहा कि आरोपियों को फांसी होने तक उन्हें सुकून नहीं मिलेगा। वह सीएम से मिलने भी नहीं जाएंगे। अगर उन्हें (योगी) आना है, तो वह आ सकते हैं।
उधर, यह भी अटकलें थीं पीड़ित पिता जिले में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों में भी हिस्सा लेंगे, मगर उन्होंने साफ किया कि वह इन सब चीजों में शामिल नहीं होंगे। उन्हें सिर्फ न्याय चाहिए। ‘पीटीआई-भाषा’ के मुताबिक, शनिवार को पुलिस ने इस मामले में दो और लोगों को अरेस्ट किया है। पुलिस ने कहा कि मुख्यारोपी जाहिद की बीवी शगुफ्ता और भाई मेहंदी हसन को एसआईटी ने सुबह पकड़ा। इससे पहले, जाहिद (27) और असलम (43) गिरफ्तार किए गए थे।
AMU शिक्षकों, छात्रों ने भी जघन्य हत्या की निंदा की: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शिक्षकों और छात्रों ने भी इस जघन्य अपराध की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों कड़ा दंड देने की मांग उठाई है। एमयू शिक्षक संघ की विशेष बैठक में मांग हुई कि फास्ट ट्रैक कोर्ट का तत्काल गठन हो। एएमयू के छात्रों ने इसके अलावा कैंपस में कैंडल मार्च भी निकाला।
