पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भाजपा विरोधी पार्टियों के एक मंच पर आने के बाद विपक्षी पार्टियां अब अमरावती में एक संयुक्त रैली कर सकती हैं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी चीफ एन चंद्रबाबू नायडू पहले ही विपक्ष को बता चुके हैं कि वो राज्य में एक महारैली आयोजित करना चाहते हैं। हालांकि यह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को एक दुविधा में डाल सकती है। चूंकि कांग्रेस आंध्र प्रदेश में खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश में है और राहुल गांधी अक्सर कहते हैं कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो वह आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देंगे। इंडियन एक्सप्रेस के दिल्ली कॉन्फिडेंशियल के एक कॉलम में छपी खबर के मुताबिक कोलकाता में ममता बनर्जी की रैली को नजरअंदाज करने के बाद दूसरे राज्य में एक संयुक्त विपक्षी रैली में राहुल गांधी की उपस्थिति गलत संदेश भेज सकती है। इससे कांग्रेस अध्यक्ष दुविधा में पड़ सकते हैं।

जानना चाहिए कि आगामी लोकसभा चुनाव में सभी विपक्षी दलों को साथ लाने की पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कवायद के तहत शनिवार को आयोजित विशाल रैली में प्रमुख विपक्षी दलों के नेता एक मंच पर नजर आए और उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने की हुंकार भरी। आयोजक के रूप में एक तरह से इस रैली की अगुवाई कर रही ममता ने कहा कि मोदी सरकार की ‘एक्सपायरी डेट (उपयोग करने की अवधि)’ खत्म हो गई है। उन्होंने कहा कि राजनीति में शिष्टता होती है लेकिन भाजपा इसका पालन नहीं करती और जो भाजपा के साथ नहीं होता उसे वे चोर बता देते हैं। रैली में ममता ने ‘बदल दो, बदल दो, दिल्ली की सरकार बदल दो’ का नारा भी दिया।

संयुक्त विपक्ष के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के मुद्दे पर ममता ने कहा कि विपक्षी दल एकसाथ मिलकर काम करने का वादा करते हैं और प्रधानमंत्री कौन होगा इस पर फैसला लोकसभा चुनाव के बाद होगा। जनसैलाब की मौजूदगी में हुई इस रैली में पूर्व प्रधानमंत्री एवं जनता दल सेक्यूलर प्रमुख एच डी देवेगौड़ा, कई वर्तमान मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, भाजपा छोड़ चुके गेगांग अपांग, पूर्व केंद्रीय मंत्रियों ने हिस्सा लिया।

इनके अलावा, राजद नेता एवं बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी, बसपा सुप्रीमो मायावती के प्रतिनिधि एवं राज्यसभा सदस्य सतीश चंद्र मिश्रा, पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल और जानेमाने दलित नेता एवं गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी भी मंच पर नजर आए। (भाषा इनपुट)