Aap Delhi High Court Land Supreme Court: दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार पर बड़ा आरोप लगा है। पार्टी पर आरोप लगा कि उसने दिल्ली हाई कोर्ट की जमीन पर अपना कार्यालय बना लिया। आप के इस कदम पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद आज आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट ने अपना जवाब दिया है।

आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जिस जमीन पर पार्टी का दफ्तर बनाया गया है, उस पर किसी भी तरह का अतिक्रमण या कब्जा नहीं किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के सामने अपने जवाब में आप ने वकीलों के जरिये कहा कि पार्टी को जमीन साल 2015 में आवंटित की गई थी। आप के वकीलों ने आगे यह भी कहा कि अगर कोर्ट राष्ट्रीय पार्टी की स्थिति को देखते हुए दूसरी जगह पर जमीन के लिए जगह तय करता है तो पार्टी राउज एवेन्यू में मौजूद दफ्तर को खाली करने के लिए तैयार है। आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आप के वकीलों ने यह भी कहा कि अगर पार्टी ऑफिस को तुरंत खाली कर देती है तो उसके पास दूसरे दफ्तर के लिए कोई भी जगह खाली नहीं होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को हैरानी जताते हुए कहा कि कोई भी दल कानून अपने हाथ में कैसे ले सकता है। कोई भी पार्टी हाईकोर्ट की जमीन पर कब्जा कैसे कर सकती है। सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि कोर्ट केवल बुनियादी ढांचों के लिए और लोगों की भलाई के लिए काम करता है। एक खास बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया था। लेकिन सुनवाई के बाद वकीलों ने साफ किया कि आम आदमी पार्टी की बारे में चर्चा की गई।

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव, लोक निर्माण सचिव और वित्त सचिव को मामले को सुलझाने के लिए अगली सुनवाई से पहले हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के साथ बैठक करने का निर्देश दिया था। ताकि, जमीन को वापस हाई कोर्ट को सौंपा जा सके