डायबिटीज यानी मधुमेह एक क्रॉनिक डिसीज है, जिसमें ब्लड शुगर यानि रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखना बेहद ही जरूरी होता है। इस बीमारी से ग्रस्त लोगों के शरीर में पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बन पाता या फिर उसका इस्तेमाल सही ढंग से नहीं हो पाता, जिसके कारण रक्त मे शुगर की मात्रा अधिक हो जाती है। आज के समय में अनियंत्रित जीवन-शैली, खराब खानपान और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण लोग डायबिटीज की बीमारी का शिकार हो जाते हैं।
जाने मानें कंसलटेंट फिजिशियन डॉक्टर अमरेंद्र झा की मानें तो आने वाले वर्षों में दुनिया में सबसे ज्यादा डायबिटीज के मरीजों की संख्या भारत में हो जाएगी, ऐसे में लोगों को अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करना बेहद ही जरूरी है।
डायबिटीज के मरीज हार्ट अटैक के दौरान ऐसा करते हैं महसूस: डॉक्टर अमरेंद्र झा बताते हैं कि मधुमेह से ग्रस्ति लोगों को जब हार्ट अटैक आता है तो उन्हें साइलेंट चेस्ट पेन होता है। डायबिटीज के अधिकतर मरीजों को यह पता नहीं चल पाता कि उन्हें दिल का दौरा पड़ रहा है। हार्ट अटैक के दौरान बस उनका सांस थोड़ा-सा उखड़ा रहता है। जिस वजह से उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पाता।
डायबिटीज के लक्षण: कंसलटेंट फिजिशियन डॉक्टर अमरेंद्र झा के मुताबिक डायबिटीज के मरीजों को अधिक पेशाब आना, बहुत प्यास लगना, अधिक भूख लगना, अचनाक से वजन बढ़ना और कम होना जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। गंभीर मामलों में मधुमेह के रोगियों को आंखों की रोशनी धुंधली होना और ब्लड प्रेशर की शिकायत हो सकती है। बता दें कि अगर डायबिटीज की बीमारी में ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाए तो किडनी फेलियर, मल्टीपल ऑर्गन फेलियर, हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक जैसी जानलेवा स्थिति भी पैदा हो सकती है।
बचाव के उपाय: एक्सपर्ट्स की मानें तो डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट में कार्बोहाइड्रेट और फैट्स की मात्रा कम कर देनी चाहिए। हालांकि विटामिन्स और मिनरल्स की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए। ऐसे में आप अपनी डाइड में दाल और सब्जी आदि को शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा कम मीठे फल भी आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। मधुमेह के रोगी टोन्ड दूध पी सकते हैं।
