International Yoga Day 2020 Speech, Essay: 21 जून को हर साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है। योगा करने से तनाव और डिप्रेशन जैसी मानसिक स्थिति से भी छुटकारा पाया जा सकता है। PM Narendra Modi ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस सार्वभौमिक भाईचारे का संदेश देता है। योग मानसिक शांति देता है, सकारात्मकता लाने में मदद करता है। योग एक स्वस्थ ग्रह के लिए हमारी खोज को बढ़ाता है।
वहीं, ईशा फाउंडेशन के संस्थापक, सद्गुरु ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर संदेश देते हुए कहा कि लोगों को योग को खुले दिल से अपनाना चाहिए। इससे लोगों में आत्म-परिवर्तन की तकनीक विकसित होगी। साथ ही लोग प्रभावशाली एवं हर्ष से भरपूर रहेंगे। उनका संगठन आम तौर पर दुनिया भर में दिन भर के कार्यक्रमों के साथ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाती हैं जिसमें लाखों लोग भाग लेते हैं।
इस साल, हालांकि, COVID-19 महामारी के कारण दुनिया में कहीं पर भी कार्यक्रमों का आयोजन नहीं हुआ है। इसके बजाय, ईशा लॉकडाउन के बाद से कई वीडियो ऑनलाइन जारी कर रहा है जिसमें सरल योग प्रथाओं के बारे में बताया जाता है जो मानव प्रणाली पर गहरा प्रभाव डालते हैं।यहां से तैयार करें बेहतरीन और आसान स्पीच-
स्पीच 1: फिट और हेल्दी रहने के लिए योगा करना बेहद जरूरी होता है। रोजाना योगा करने से कई स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं। योगा करने से वजन कम होता है, इम्यूनिटी बूस्ट होता है, लचीलापन बढ़ता है, तनाव कम होता है इत्यादि। योग के सभी आसन को नियमित रूप से अभ्यास करना चाहिए। ऐसा करने से आपको मन की शांति मिलेगी और जीवन जीने की प्रेरणा भी मिलेगी। योग एक स्वस्थ जीवनशैली जीने की प्रेरणा देता है और तनावमुक्त रखने मे भी मदद करता है।
स्पीच 2: भारत में इसकी शुरूआत का प्रस्ताव प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया था। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की मांग की थी और 27 सितंबर 2014 को यूएनजीए में भाषण देने के दौरान इस बात के बारे में जिक्र किया था। भारत के अलावा और भी कई देशों के नेताओं और अध्यात्मिक गुरुओं ने भी इस प्रस्ताव को सपोर्ट किया था। इसमें ईशा फाउंडेशन के सदगुरु महाराज और आर्ट ऑफ लिविंग के श्री श्री रवि शंकर शामिल हैं। योग के लाभ और महत्व को जानने के बाद कई लोग इसे अपनी रोजाना कि जिंदगी का हिस्सा बना चुकें हैं। प्रथम बार विश्व योग दिवस के अवसर पर 192 देशों में योग का आयोजन किया गया जिसमें 47 मुस्लिम देश भी शामिल थे।

Highlights
मध्य प्रदेश के कई निवासियों ने रविवार की सुबह अपने घरों पर योगा मैट बिछाए और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अभ्यास किया, जो इस वर्ष कोरोनो वायरस के प्रकोप के बीच मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपने घर पर 'प्राणायाम' और अन्य अभ्यास किए। अपने संदेश में, चौहान ने लोगों से घर के अंदर रहने और स्वस्थ शरीर और दिमाग के लिए योग का अभ्यास करने का आग्रह किया
योग के लाभ और महत्व को जानने के बाद कई लोग इसे अपनी रोजाना कि जिंदगी का हिस्सा बना चुके हैं। प्रथम बार विश्व योग दिवस के अवसर पर 192 देशों में योग का आयोजन किया गया जिसमें 47 मुस्लिम देश भी शामिल थे।
फिट और हेल्दी रहने के लिए योग करना बेहद जरूरी होता है। रोजाना योगा करने से कई स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं। योगा करने से वजन कम होता है, इम्यूनिटी बूस्ट होता है, लचीलापन बढ़ता है, तनाव कम होता है इत्यादि। योग के सभी आसन को नियमित रूप से अभ्यास करना चाहिए। ऐसा करने से आपको मन की शांति मिलेगी और जीवन जीने की प्रेरणा भी मिलेगी। योग एक स्वस्थ जीवनशैली जीने की प्रेरणा देता है और तनावमुक्त रखने मे भी मदद करता है।
पद्म श्री, पद्म विभूषण, डॉक्टर बी सी राय राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित ब्रिगेडियर डॉक्टर अनिल कोहली ने कहा विश्व भर में वैश्विक महामारी से दुनिया ग्रसित है और यह महामारी सांस की कार्यशैली को प्रभावित करती है। योग साधना की क्रिया से सांसो की प्रक्रिया को सुधारा जा सकता है। योग साधना के द्वारा प्रतिरोधक क्षमता को सुधारने में प्रभावित करता है यह दोनों योग प्रक्रिया इस वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए शरीर में शक्ति प्रदान करते हैं। आज देशवासियों के लिए योग दिवस पर हमारा संदेश है कि सौहार्दपूर्ण राष्ट्र के निर्माण के लिए और अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए योग को अपने जीवन का एक अहम हिस्सा बनाएं।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर ईशा फाउण्डेशन के संस्थापक, सद्गुरु ने मानवता से योग अपनाने को - जो ‘आत्म-रूपांतरण की टेक्नॉलजी’ है - और ‘इस दुनिया में आनंदमय, शानदार, और असरदार इंसान बनने को कहा।’ ईशा आम तौर पर योग दिवस पर दुनियाभर में पूरे दिन के कार्यक्रम करता है, लेकिन इस साल महामारी के कारण कोई सामूहिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया है। इसके बदले, कई ऑनलाइन वीडियो जारी किए गए हैं जो मानव सिस्टम पर गहरे असर डालने वाले सरल योग-अभ्यास प्रस्तुत करते हैं।
योग करने के विभिन्न विभिन्न योगासनों का अभ्यास करना होता है और योग में कई ऐसे योगासन हैं जिनसे की अलग अलग विकारों को दूर किया जा सकता है, आंतरिक शरीर के अलावा ऐसा कोई बाह्य विकार नहीं हैं जिसे योग द्वारा दूर न किया जा सकता हो। योग को आप एक पूर्ण उपचार के रूप में भी देख सकते हैं।
हिन्दू धर्म में साधु, संन्यासियों व योगियों द्वारा योग सभ्यता को शुरू से ही अपनाया गया था, परंतु आम लोगों में इस विधा का विस्तार हुए अभी ज्यादा समय नहीं बीता है। बावजूद इसके, योग की महिमा और महत्व को जानकर इसे स्वस्थ्य जीवनशैली हेतु बड़े पैमाने पर अपनाया जा रहा है, जिसका प्रमुख कारण है व्यस्त, तनावपूर्ण और अस्वस्थ दिनचर्या में इसके सकारात्मक प्रभाव।
योग तन और मन, कार्य और विचार तथा मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करने का एक माध्यम है।
सम्पूर्ण मानवता को भारतीय संस्कृति के इस अनमोल उपहार को मोदी जी ने अपने प्रयासों से वैश्विक स्वीकृति प्रदान करवायी जिससे आज पूरे विश्व ने योग को अपनाया है।
योग दिवस की शुभकामनाएँ
राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग करते हुए खुद की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने ट्वीट किया #InternationalYogaDay पर अभिवादन। योग का प्राचीन विज्ञान दुनिया को भारत का महान उपहार है। अधिक से अधिक लोगों को इसे अपनाते हुए देखकर खुशी होती है। विशेष रूप से Covid19 के साथ, तनाव और संघर्ष, योग का अभ्यास करने से शरीर को फिट और दिमाग को शांत रखने में मदद मिल सकती है।
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने रविवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लोगों के साथ एक विशेष संदेश साझा किया। "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए जबरदस्त प्रतिक्रिया खुशी की बात है। हम खुश हैं कि हम दुनिया को इस तरह के सकारात्मक कारण के लिए एकजुट करने में सक्षम हैं। योग, जिसका अर्थ है 'जुड़ने के लिए' या 'एकजुट होना', मूल रूप से मन और शरीर के बीच सामंजस्य बैठाने के लिए किया जाता है। यह एक विज्ञान है जो संतुलन, शिष्टता, अनुग्रह, समानता, शांति और सद्भाव पर जोर देता है।
योग शब्द की उत्पत्ति संस्कृति के युज से हुई है, जिसका मतलब होता है आत्मा का सार्वभौमिक चेतना से मिलन। योग लगभग दस हजार साल से भी अधिक समय से अपनाया जा रहा है। वैदिक संहिताओं के अनुसार तपस्वियों के बारे में प्राचीन काल से ही वेदों में इसका उल्लेख मिलता है। सिंधु घाटी सभ्यता में भी योग और समाधि को प्रदर्शित करती मूर्तियां प्राप्त हुईं।
21 जून 2015 को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरे विश्व में धूमधाम से मनाया गया। इस दिन करोड़ों लोगों ने विश्व में योग किया जो कि एक रिकॉर्ड था। योग व्यायाम का ऐसा प्रभावशाली प्रकार है, जिसके माध्याम से न केवल शरीर के अंगों बल्कि मन, मस्तिष्क और आत्मा में संतुलन बनाया जाता है। यही कारण है कि योग से शारीरिक व्याधियों के अलावा मानसिक समस्याओं से भी निजात पाई जा सकती है।
पीएम मोदी ने कहा कि आप प्राणायाम को अपने प्रतिदिन के अभ्यास में जरूर शामिल करिए, और अनुलोम-विलोम के साथ साथ दूसरी प्राणायाम तकनीक को भी सीखिए और उनको सिद्ध कीजिए
अगर हमारी इम्युनिटी मजबूत होगी तो कोरोना वोयरस से लड़ना आसान हो जाएगा। ऐसे योग अभ्यास हैं जो हमारी प्रतिरक्षा को बढ़ावा देते हैं और मेटाबॉलिज्म में सुधार करते हैं। वो कहते हैं कि कोरोना वायरस हमारे श्वसन तंत्र पर हमला करता है। '' प्राणायाम '', एक ब्रीदिंग एक्सरसाइज है जो हमारे रेस्पिरेट्री सिस्टम को मजबूत बनाने में हमारी सबसे अधिक मदद करती है।
योग दिवस पर पीएम मोदी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस सार्वभौमिक भाईचारे का संदेश देता है। योग मानसिक शांति देता है, सकारात्मकता लाने में मदद करता है। योग एक स्वस्थ ग्रह के लिए हमारी खोज को बढ़ाता है। यह एकता के लिए एक शक्ति के रूप में उभरा है और मानवता के बंधनों को गहरा करता है। यह भेदभाव नहीं करता है, योग नस्ल, रंग, लिंग, विश्वास और वंश से परे है। अगर हम अपनी सेहत और आशाओं के तार ठीक कर सकें, तो वह दिन दूर नहीं जब दुनिया स्वस्थ और खुशहाल मानवता की सफलता का गवाह बनेगी। योग निश्चित रूप से हमें ऐसा करने में मदद कर सकता है।
तन स्वस्थ, मन स्वस्थ और विचार पवित्र करने के लिए योग सर्वाधिक साध्य, उचित और आसान तरीका है। योग का कोई साइड इफेक्ट नहीं है। यह सबको फायदा पहुंचाता है।
जीवन में निरोग रहने का सबसे अच्छा तरीका है योग करना। योग मन की शांति के साथ-साथ तन की पवित्रता को भी बनाए रखता है। शरीर पुष्ट होता है और रुधिर का परिसंचरण सामान्य होता है।
योग के बिना जीवन अधूरा है। शास्त्रों की मान्यता के अनुसार जिस प्रकार पेड़-पौधे, वनस्पतियां, पशु-पक्षी के बिना संसार का अस्तित्व नहीं होता है, वैसे ही योग के बिना जीवन का अस्तित्व अधूरा है।
योग समस्याओं को समाप्त करता है। दिमाग और शरीर को मजबूत बनाता है। योग न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक दृढ़ता को बढ़ावा देता है।
योग करने के जितने फायदे हैं, उतना किसी अन्य अभ्यास के नहीं हैं। क्योंकि योग मानसिक स्वास्थ्य को पहले प्रदान करता है, उसके बाद शारीरिक स्वास्थ्य में वृद्धि होती है।
क्या है योग दिवस का महत्व: योग को प्राचीन भारतीय कला का एक प्रतीक माना जाता है. भारतीय योग को जीवन में सकारात्मकता और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं। इस दिन को मनाने का उद्देश्य योग के प्रति लोगों में जागरुकता पैदा करने के साथ लोगों को तनावमुक्त करना भी है।
योग जीवन का दर्शन है। यह जीवन में अनुशासन, संयम और सकारात्मकता का उत्सर्जन करता है। इससे शारीरिक, मानसिक और भौतिक विकास होता है।
शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा के निर्माता असित कुमार मोदी कहते हैं कि योग को मन और शरीर में लाए जाने वाले अपार लाभों के लिए जाना जाता है। यह हमारे देश में उत्पन्न हुई सबसे पुरानी प्रथाओं में से एक है और आज यह दुनिया भर में प्रचलित है इस बात पर हमें गर्व है। किसी के भी जीवन में मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य अत्यधिक महत्वपूर्ण है। जीवन में संतुलन के लिए योग अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि तारक मेहता का उल्टा चश्मा पिछले 12 सालों से लोगों के लिए हास्य योग की तरह कार्य करता है।
सबसे पहले यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि योगा क्या है? यह शरीर और मन के बीच का जोड़ है या हम यह भी कह सकते हैं कि यह मन और शरीर के बीच संतुलन बनाने का एक तरीका है। योगा भारत में उत्पन्न हुआ था और इसलिए इसे “योगा” के रूप में दुनिया भर में जाना जाता है। आज योगा का ज्ञान और अभ्यास दुनिया भर में प्रसारित हो रहा है जो कि बहुत अच्छी बात है। योगा में हमें शरीर के कई आसनों के बारे में सीखने को मिलता है जैसे अपने आप को फिट रखने की क्रियाएँ उदाहरण के रूप में बैठना, खड़े होना, आगे झुकना, पीछे की तरफ झुकाव, उल्टे मुंह खड़े होना आदि है।
पहली बार दिल्ली में एक साथ 35985 लोगों ने योग का प्रदर्शन किया, जिसमें 84 देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे और भारत ने दो विश्व रिकॉर्ड बनाकर 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज करा लिया। पहला रिकॉर्ड एक जगह पर सबसे अधिक लोगों के योग करने का बना, तो दूसरा एक साथ सबसे अधिक देशों के लोगों के योग करने का।
वर्तमान में योग को शारीरिक, मानसिक व आत्मिक स्वास्थ्य व शांति के लिए बड़े पैमाने पर अपनाया जाता है। 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रत्येक वर्ष 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मान्यता दी और 21 जून 2015 को प्रथम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। प्रथम बार विश्व योग दिवस के अवसर पर 192 देशों में योग का आयोजन किया गया जिसमें 47 मुस्लिम देश भी शामिल थे।
विश्व योग दिवस पर, अभिनेता दिलीप जोशी, जो कि तारक मेहता का उल्टा चश्मा में जेठा लाल का किरदार निभाते हैं, कहते हैं, “मेरे लिए योग मन और शरीर के लिए सबसे आरामदायक और सुखदायक कसरत है। सुविधा के अनुसार, सुबह या शाम को सिर्फ आधा या एक घंटा योग करने से आप फ्रेश और तरोताजा महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि योग जो कि हमारे पुराने पुराने संतों की खोज है, को अब पूरी दुनिया ने मान्यता दे दी है। वैसे लोग जिन्होंने अब तक योग करना शुरू नहीं किया है ऐसे लोग 21 जून यानि कि योग दिवस पर इसकी शुरुआत कर सकते हैं।
पूरे देश में इस महामारी के कारण विभिन्न प्रकार के रोग जैसे अवसाद, अनिद्रा, सिर दर्द, चिड़चिड़ापन जैसे विक्षेप उत्पन्न हो रहे हैं. शारीरिक स्तर पर थकान एवं भूख के ना लगने जैसे समस्या उत्पन्न हो रही हैं, जो ना सिर्फ भावनात्मक असंतुलन पैदा कर रहा है बल्कि प्रतिरोधक क्षमता को भी कम कर रहा है. इस योगा दिवस अपने जीवन में हम योग का पालन कर अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं
यम - इसके अंतर्गत सत्य बोलना, अहिंसा, लोभ न करना, विषयासक्ति न होना और स्वार्थी न होना शामिल है।
नियम - इसके अंतर्गत पवित्रता, संतुष्टि, तपस्या, अध्ययन, और ईश्वर को आत्मसमर्पण शामिल हैं।
आसन - इसमें बैठने का आसन महत्वपूर्ण है
प्राणायाम - सांस को लेना, छोड़ना और स्थगित रखना इसमें अहम है।
प्रत्याहार - बाहरी वस्तुओं से, भावना अंगों से प्रत्याहार।
धारणा - इसमें एकाग्रता अर्थात एक ही लक्ष्य पर ध्यान लगाना महत्वपूर्ण है।
ध्यान - ध्यान की वस्तु की प्रकृति का गहन चिंतन इसमें शामिल है।
समाधि - इसमें ध्यान की वस्तु को चैतन्य के साथ विलय करना शामिल है। इसके दो प्रकार हैं- सविकल्प और अविकल्प। अविकल्प में संसार में वापस आने का कोई मार्ग नहीं होता। अत: यह योग पद्धति की चरम अवस्था है।
व्यापक रूप से पतंजलि औपचारिक योग दर्शन के संस्थापक माने जाते हैं। पतंजलि के योग, बुद्धि नियंत्रण के लिए एक प्रणाली है, जिसे राजयोग के रूप में जाना जाता है।
योग की प्रामाणिक पुस्तकों जैसे शिवसंहिता तथा गोरक्षशतक में योग के चार प्रकारों का वर्णन मिलता है -
1 मंत्रयोग, जिसके अंतर्गत वाचिक, मानसिक, उपांशु आर अणपा आते हैं।
2 हठयोग
3 लययोग
4 राजयोग, जिसके अंतर्गत ज्ञानयोग और कर्मयोग आते हैं।
हिन्दू धर्म में साधु, संन्यासियों व योगियों द्वारा योग सभ्यता को शुरू से ही अपनाया गया था, परंतु आम लोगों में इस विधा का विस्तार हुए अभी ज्यादा समय नहीं बीता है। बावजुद इसके, योग की महिमा और महत्व को जानकर इसे स्वस्थ्य जीवनशैली हेतु बड़े पैमाने पर अपनाया जा रहा है, जिसका प्रमुख कारण है व्यस्त, तनावपूर्ण और अस्वस्थ दिनचर्या में इसके सकारात्मक प्रभाव।
योग शब्द की उत्पत्ति संस्कृति के युज से हुई है, जिसका मतलब होता है आत्मा का सार्वभौमिक चेतना से मिलन। योग लगभग दस हजार साल से भी अधिक समय से अपनाया जा रहा है। वैदिक संहिताओं के अनुसार तपस्वियों के बारे में प्राचीन काल से ही वेदों में इसका उल्लेख मिलता है। सिंधु घाटी सभ्यता में भी योग और समाधि को प्रदर्शित करती मूर्तियां प्राप्त हुईं।
कसरत के रुझान समय के साथ आते हैं और जाते हैं लेकिन अभ्यास के नाम पर योगा के रूप में और कोई कसरत स्थिर नहीं है और यह लगभग 5000 सालों के अधिक समय से प्रचलन में रहा है। योगा कैलोरी को जलाने और हमारी मांसपेशियों को मज़बूत करने में मदद करता है। यह एक सर्वसमावेशक कसरत है जो मन और शरीर दोनों पर केंद्रित है। योगा प्रशिक्षण के तहत सभी प्रकार के अभ्यास और कसरत की जाती है जिसमें गहरी साँस लेना, विश्राम करना और ध्यान लगाना आदि शामिल है।
हर साल की तरह इस साल भी योग दिवस को एक थीम दी गई है।लेकिन इस साल कोरोनावायरस महामारी यानी कोविड 19 के चलते लोगों को ऐसी थीम दी गई है, जो सेहत और स्वस्थ्य को बढ़ावा देगी। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2020 थीम है घर में रहते हुए अपने परिवार के साथ योग करना। इस साल दुनिया छठा योग दिवस मना रही है। 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस या विश्व योग दिवस के रूप में मनाए जाने को मान्यता दी थी। इस घोषणा के बाद अगले साल यानी 2015 से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरी दुनिया में मनाया जाने लगा था।
आज से छह साल पहले 2015 में पहली बार मनाया गया था।इस साल दुनिया छठा योग दिवस मना रही है।11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस या विश्व योग दिवस के रूप में मनाए जाने को मान्यता दी थी। इस घोषणा के बाद अगले साल यानी 2015 से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरी दुनिया में मनाया जाने लगा था।
अगर आप जानना चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पहली बार कब मनाया गया था, तो यह आज से छह साल पहले 2015 में पहली बार मनाया गया था. इस साल दुनिया छठा योग दिवस मना रही है. 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस या विश्व योग दिवस के रूप में मनाए जाने को मान्यता दी थी. इस घोषणा के बाद अगले साल यानी 2015 से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरी दुनिया में मनाया जाने लगा था.
भारत में इसकी शुरूआत का प्रस्ताव प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया था। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की मांग की थी और 27 सितंबर 2014 को यूएनजीए में भाषण देने के दौरान इस बात के बारे में जिक्र किया था। भारत के अलावा और भी कई देशों के नेताओं और अध्यात्मिक गुरुओं ने भी इस प्रस्ताव को सपोर्ट किया था। इसमें ईशा फाउंडेशन के सदगुरु महाराज और आर्ट ऑफ लिविंग के श्री श्री रवि शंकर शामिल हैं। योग के लाभ और महत्व को जानने के बाद कई लोग इसे अपनी रोजाना कि जिंदगी का हिस्सा बना चुकें हैं। प्रथम बार विश्व योग दिवस के अवसर पर 192 देशों में योग का आयोजन किया गया जिसमें 47 मुस्लिम देश भी शामिल थे।
वर्तमान में योग को शारीरिक, मानसिक व आत्मिक स्वास्थ्य व शांति के लिए बड़े पैमाने पर अपनाया जाता है। 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रत्येक वर्ष 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मान्यता दी और 21 जून 2015 को प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। प्रथम बार विश्व योग दिवस के अवसर पर 192 देशों में योग का आयोजन किया गया जिसमें 47 मुस्लिम देश भी शामिल थे। इस अवसर पर दिल्ली में एक साथ 35985 लोगों ने योग का प्रदर्शन किया, जिसमें 84 देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे और भारत ने दो विश्व रिकॉर्ड बनाकर 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज करा लिया।पहला रिकॉर्ड एक जगह पर सबसे अधिक लोगों के योग करने का बना, तो दूसरा एक साथ सबसे अधिक देशों के लोगों के योग करने का।
भारत में योगाभ्यास की परंपरा तकरीबन 5000 साल पुरानी है। योग को शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य का अद्भुत विज्ञान माना जाता है। इस प्राचीन पद्धति के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से हर साल 21 जून को इंटरनेशनल योग दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 2015 में हुई थी। यूं तो योग से अपना नाता जोड़ने के लिए किसी खास दिन की जरूरत नहीं है, मगर आज हम आपको बता रहे हैं क्यों 21 जून को International Yoga Day 2019 मनाया जाता है।