CJI BR Gavai: सीजेआई बीआर गवई ने सुप्रीम कोर्ट में किसी भी महिला न्यायाधीश को पदोन्नत न कर पाने पर खेद व्यक्त किया। गवई ने कहा, ” मुझे खेद है कि मैं सुप्रीम कोर्ट में एक महिला न्यायाधीश नहीं ला सका, लेकिन हमने महिला न्यायाधीशों की सिफारिश की थी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के वकील भी शामिल थे। निश्चित रूप से यहां वह भी मौजूद हैं जो पहली महिला सीजेआई (जस्टिस बीवी नागरत्ना) बनेंगी। “
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, सीजेआई गवई 18 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के लेडीज बार रूम में आयोजित विदाई समारोह में बोल रहे थे। वरिष्ठ अधिवक्ता महालक्ष्मी पावनी द्वारा आयोजित इस समारोह में 17 न्यायाधीशों ने भाग लिया। पावनी ने मुख्य न्यायाधीश गवई को सम्मानित किया और कहा कि उनका नेतृत्व विनम्रता, सुगमता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता से युक्त है।
मुख्य न्यायाधीश गवई ने अपने समापन भाषण में कहा, “मैं आप सभी का धन्यवाद करता हूं। मुझे आमंत्रित करने के लिए सुश्री पावनी का धन्यवाद करता हूं और यह दिल्ली में मेरी पहली विदाई समारोह है। हालांकि पहली विदाई समारोह मुझे इलाहाबाद में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने दिया था… आमतौर पर मैं अदालत में अपना संतुलन नहीं खोता, लेकिन अगर अनजाने में कभी किसी को ठेस पहुंची हो, तो मैं क्षमा चाहता हूँ।”
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इस अवसर पर जस्टिस सूर्यकांत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीश गवई ने संस्थान का नेतृत्व अत्यंत गतिशील तरीके से किया।
नवनिर्वाचित मुख्य न्यायाधीश ने आगे कहा, ” मुझे पता है कि वरिष्ठ अधिवक्ता पावनी ने मुझे कुछ शर्तों के साथ आमंत्रित किया है… लेकिन इस आयोजन की प्रकृति को देखते हुए मैं कह सकता हूं कि यह एक लंबी यात्रा है और हम सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी। मैं बार की महिला सदस्यों द्वारा दिए गए योगदान की सराहना करता हूं और यह बताना संभव नहीं है कि महिला सदस्य किस प्रकार बार में योगदान देती हैं।”
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