Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को तनाव के बीच एक हंसी मजाक का भी दौर आया। जब वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने शीर्ष अदालत को बताया कि गले में खराश के कारण वह मुश्किल से बोल पा रहे हैं। इसके जवाब में सीजेआई सूर्यकांत ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “दिल्ली में, यह समस्या आजकल सभी के लिए है।”

यह आदान-प्रदान उस सुनवाई के दौरान हुआ जिसमें अदालत ने एक ईसाई सेना अधिकारी की बर्खास्तगी को बरकरार रखा, जिसने मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने से इनकार कर दिया था।

मामले की सुनवाई सीजेआई सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ द्वारा की जा रही थी, जिसमें बर्खास्त अधिकारी की ओर से अधिवक्ता शंकरनारायणन उपस्थित थे।

जैसे-जैसे सुनवाई आगे बढ़ी, शंकरनारायणन ने अपनी दलीलें पेश करते हुए कहा, “माफ़ कीजिए, मैं ठीक से बोल नहीं पा रहा हूं। मेरा गला खराब हो गया है।”

सीजेआई सूर्यकांत ने जवाब दिया, “दिल्ली में, यह वर्तमान में सभी के लिए एक समस्या है।”

बता दें, कई सप्ताह से दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को वायु की खराब गुणवत्ता से कोई राहत नहीं मिली है। मंगलवार को भी राष्ट्रीय राजधानी में धुंध की मोटी चादर छाई रही और वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में बनी रही ।

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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 363 दर्ज किया गया, जो सोमवार के 382 से थोड़ा बेहतर है। हालांकि, रोहिणी निगरानी स्टेशन (Rohini Monitoring Station) पर वायु गुणवत्ता 416 के साथ गंभीर स्तर पर पहुंच गई।

आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रहने की उम्मीद है। खराब वायु गुणवत्ता के कारण सभी सरकारी कार्यालयों और निजी प्रतिष्ठानों को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के चरण III के तहत 50 प्रतिशत कर्मचारियों की क्षमता पर काम करने का आदेश दिया गया है, जबकि शेष कर्मचारियों को घर से काम करने की बात कही गई है। वहीं, अस्पताल, निजी स्वास्थ्य सुविधाएं, अग्निशमन सेवाएं, सार्वजनिक परिवहन, तथा जल एवं स्वच्छता सहित आवश्यक सेवाओं को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है।

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