क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। ये बात वक्त के साथ बार—बार साबित होती रहती है। अगर आईपीएल—2018 के सीजन 11 में ये बात एक बार फिर से पुख्ता हो जाएगी, अगर विराट कोहली की कप्तानी से सजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु इस सीजन में प्लेआॅफ में पहुंच जाती है।
सनराइजर्स हैदराबाद के सामने रॉयल चैलेंजर्स की हार ने उनके सपनों को तोड़कर रख दिया है, लेकिन उम्मीदें अभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई हैं।
दूसरी टीमों के हाथ है किस्मत : आईपीएल के सीजन 10 की तरह रॉयल चैलेंजर्स बोर्ड पर अपनी जगह पाने के लिए संघर्ष कर रही है। ये हालात तब हैं जब रॉयल चैलेंजर्स के हमलावर बल्लेबाजों को सबसे विस्फोटक और धाकड़ खिलाड़ियों में गिना जाता है। लेकिन 10 मैचों में से सिर्फ तीन मैचों को जीतकर बेंगलुरु की ये फ्रेंचाइजी टीम नीचे से तीसरे नंबर पर आ गई है। ऐसे में अब इस फ्रेंचाइजी टीम की किस्मत अपने बजाय दूसरे फ्रेंचाइजी के हाथ में आ गई है।
उम्मीद अभी बाकी है : हालांकि कई मैचों में चीजें रॉयल चैलेंजर्स के खिलाफ गई हैं। लेकिन ये पूरी तरह से असंभव नहीं है कि रॉयल चैलेंजर्स लीग मैच खत्म होने तक टॉप—4 में अपनी जगह न बना ले। अभी भी चार मैच बाकी हैं। रॉयल चैलेंजर्स को सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि वह इन सभी चार मैचों में जीत हासिल करे। जबकि उन्हें ये भी उम्मीद लगानी होगी कि दूसरी फ्रेंचाइजी भी ऐसा प्रदर्शन करें जो उनके लिए फायदेमंद हो।
चौथे स्थान का ये है गणित : जैसे चौथे स्थान पर आने वाली टीम को 14 अंक जुटाने होंगे। इसलिए रॉयल चैलेंजर्स को पहली चीज ये तय करनी होगी कि वह बाकी सभी चार मैचों में जीत दर्ज करें। जबकि ये उम्मीद भी लगानी होगी कि बाकी टीमों में से कोई एक टीम जो टॉप 4 में हो, लेकिन उसके पास 14 प्वाइंट से ज्यादा न हों। (सनराइजर्स हैदराबाद को छोड़कर, जिनके पास पहले से 16 अंक हैं) और खराब नेट रन रेट के कारण उन्हें बाहर कर दिया जाए। मान लीजिए कि सनराइजर्स हैदराबाद, चेन्नई सुपर किंग्स और किंग्स इलेवन पंजाब प्ले आॅफ में क्वालिफाई करने वाली तीन टीमों में शामिल हैं। अगर नीचे लिखी परिस्थितियां बनती हैं तो रॉयल चैलेंजर्स के लिए फायदेमंद हो सकती हैं।
कोलकाता नाइट राइडर्स : 5 जीते, 5 हारे, कुल मैच 10 (10 अंक)
बाकी मैचों में मुंबई इंडियंस, किंग्स इलेवन पंजाब, राजस्थान रॉयल्स्, सनराइजर्स हैदराबाद (अगर कम से कम दो मैच हारें और नेट रन रेट कमजोर रहे)
मुंबई इंडियंस : 4 जीते, 6 हारे, कुल मैच 10 (8 अंक)
बाकी मैचों में कोलकाता नाइट राइडर्स, राजस्थान रॉयल्स, किंग्स इलेवन पंजाब और दिल्ली डेयरडेविल्स (कम से कम एक मैच हार जाए और कमजोर नेट रन रेट रहे)
दिल्ली डेयरडेविल्स : 3 जीते, 7 हारे, कुल मैच 10 (6 अंक)
बाकी मैचों में सनराइजर्स हैदराबाद, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस (कम से कम एक मैच हारे और कमजोर रन रेट रहे)
राजस्थान रॉयल्स : 3 जीते, 6 हारे, कुल मैच 9 (6 अंक)
बाकी मैचों में किंग्स इलेवन पंजाब, चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस, कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (कम से कम एक मैच हारे)
यद्यपि प्लेआॅफ में जाने का मौका पूरी तरह से रॉयल चैलेंजर्स के हाथ में नहीं है। वे अपनी किस्मत के पक्ष में हो जाने के लिए सिर्फ प्रार्थना ही कर सकते हैं। लेकिन विराट कोहली के नेतृत्व वाली इस फ्रेंचाइजी टीम को सिर्फ ये पक्का करना होगा कि वे बाकी के सभी मैचों में जीत हासिल करें। वरना उनके हाथ से जीत की आखिरी उम्मीद भी छिन चुकी होगी।

