भारत जब 2012 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था तब उनमुक्त चंद कप्तान थे। हरमीत सिंह और स्मित पटेल भी इस टीम का हिस्सा थे। अब तीनों भारते के खिलाफ खेलते दिख सकते हैं। जून में टी20 वर्ल्ड कप के दौरान अमेरिका से तीनों खेलते दिख सकते हैं। हरमीत और स्मित पहले ही अमेरिका के लिए खेलने के लिए पात्र हो गए हैं। मार्च 2024 में उनमुक्त चंद भी हो जाएंगे।

उनमुक्त चंद ने क्रिकबज से कहा, ” यह कुछ ऐसा जो बहुत अजीब होगा, लेकिन मुझे लगता है कि जब से मैंने भारत से संन्यास लिया है, मेरा अगला लक्ष्य हमेशा भारत के खिलाफ खेलना था। यह किसी दुर्भावना की वजह से नहीं है, बल्कि दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम के खिलाफ खुद को परखना चाहता हूं।” अब 30 वर्ष के हो चुके उनमुक्त चंद ने 2012 अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक जड़कर मैच जिताया था और सुर्खियां बंटोरी थीं।

चंद ने 2021 में अमेरिका रुख किया

भारतीय घरेलू सर्किट में वर्षों की संघर्ष के बाद चंद ने 2021 में अमेरिका रुख करने का फैसला किया। चंद की कप्तानी में सिलिकॉन वैली स्ट्राइकर्स ने माइनर लीग क्रिकेट टी20 के पहले सत्र में खिताब जीता। इसके अलावा वह 3 सीजन में माइनर लीग चैंपियनशिप में सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने 43 की औसत से 1500 से अधिक रन बनाए हैं। हालांकि, वह एलए नाइट राइडर्स के लिए एमएलसी में अच्छा प्रदर्शन करने में असफल रहे।

हरमीत सिंह को डोमेस्टिक क्रिकेट में पर्याप्त मौका नहीं मिला

अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता टीम के अन्य खिलाड़ी बाएं हाथ के स्पिनर हरमीत सिंह थे की तुलना महान बिशन सिंह बेदी से होती थी। शुरुआत में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद डोमेस्टिक क्रिकेट में पर्याप्त मौका नहीं मिला। उन्हें उनकी घरेलू टीम मुंबई ने नजरअंदाज किया। इसके बाद वह त्रिपुरा और जम्मू-कश्मीर के लिए खेले।

हरमीत ने क्या कहा?

हरमीत ने 2020 की गर्मियों में अमेरिका का रुख किया। उनका कहना है कि अमेरिका जाने से उनके व्हाइट बॉल के खेल में बदलाव आया है, क्योंकि वह टी20 क्रिकेट खूब खेलते हैं। उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप को लेकर कहा, ” अमेरिका ने मुझे बहुत अवसर दिए हैं और मुझे वह सब कुछ दिया है जो मैं घर पर नहीं पा सका। मैं इसके लिए देश का ऋणी हूं। मुझे लगता है कि मुझे जिन अवसरों की तलाश थी, वे मुझे यहां मिले। मैं खुद को प्रदर्शित करने में सक्षम हूं। प्रदर्शन के लिहाज से मैं पिछले 3 वर्षों में जो कुछ भी कर सकता था या जो कुछ भी मेरे नियंत्रण में था मैंने किया है। बाकी सब बोर्ड के हाथों में है।”

गुजरात, त्रिपुरा और बड़ौदा का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं स्मित

विकेटकीपर बल्लेबाज स्मित पटेल ने फाइनल में नाबाद 62 रन की पारी खेली थी। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 50 से ज्यादा मैच खेलने वाले स्मित ने गुजरात, त्रिपुरा और बड़ौदा का प्रतिनिधित्व किया। 2020 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बड़ौदा के लिए खेलने के बाद स्मित अमेरिका चले गए। अमेरिकी घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन के कारण उन्हें 2021 में बारबाडोस ट्राइडेंट्स ने चुना, जहां उन्होंने पदार्पण मैच में ही अर्धशतक जमाया। 2022 में वह एक घातक कार दुर्घटना के शिकार हुए। इसके कारण उन्हें 6 महीने से अधिक समय तक मैदान से बाहर रहना पड़ा।

कार दुर्घटना पर क्या बोले स्मित

स्मित इसे लेकर कहते हैं, “भाग्यशाली हूं कि जीवित हूं, लेकिन अपने पैरों पर वापस खड़ा होना और फिर से खेल का आनंद लेने में सक्षम होना मेरे लिए सबसे बड़ी बात है। खचाखच भरे मैदान के सामने भारत का वह मैच जाहिर तौर पर खास होगा।” एमएलसी में सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न द्वारा ड्राफ्ट किए जाने से पहले वह पूरी तरह फिट हो गए थे, लेकिन पहले सत्र में वह कोई मैच नहीं खेले।

स्मित थे जसप्रीत बुमराह के पहले कप्तान

स्मित एज ग्रुप टीम में जसप्रीत बुमराह के पहले कप्तान थे। राज्य में एज ग्रुप क्रिकेट में अनुभव के बिना ही बुमराह को गुजरात अंडर 19 टीम में शामिल किया गया था। स्मित ने कहा, “जस्सी के साथ काफी समय बिताया है। वह दिन अभी भी याद है जब वह पहली बार अभ्यास के लिए आया था और उसने हमें आश्चर्यचकित कर दिया था। उन दिनों टीम ने उन्हें एक नाम दिया था, हम उन्हें जसप्रित गुमराह कहकर बुलाते थे।”