रणजी ट्रॉफी के छठे राउंड मे उत्तर प्रदेश के बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर शिवम शर्मा को घायल प्रशांत वीर की जगह सीरियस इंजरी रिप्लेसमेंट नियम के तहत प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया है। मैच रेफरी को प्रशांत वीर की मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद दूसरे दिन शुक्रवार (23 जनवरी) की सुबह उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया।

प्रशांत वीर पहले दिन झारखंड के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में लंच से पहले फील्डिंग करते समय कंधे में चोट लग गई थी। उम्मीद है कि वह कम से कम तीन हफ्तों तक मैदान से दूर रहेंगे। आईपीएल 2026 की मिनी नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स ने प्रशांत को 14.20 करोड़ में खरीदा था। यह दूसरी बार है जब रणजी ट्रॉफी में सीरियस इंजरी रिप्लेसमेंट नियम का इस्तेमाल हुआ है। इसे इस साल की शुरुआत में भारतीय के घरेलू सीजन शुरू होने से पहले लागू किया गया है।

इंजरी रिप्लेसमेंट नियम का इस्तेमाल पहली बार कब हुआ?

अक्टूबर 2025 में कोलकाता में खेले गए बंगाल बनाम गुजरात मैच के दौरान बंगाल के बल्लेबाज काजी जुनैद सैफी घायल ओपनर सुदीप चटर्जी की जगह प्लेइंग इलेवन में आए और दूसरी पारी में बल्लेबाजी की। यह नियम कनकशन सब्स्टीट्यूट नियम से अलग है और इसमें सिर की चोटों के साथ-साथ सभी गंभीर चोटें शामिल हैं।

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इंजरी रिप्लेसमेंट नियम क्या है?

बीसीसीआई ने घरेलू क्रिकेट में घायल खिलाड़ियों को मैच में और चोट लगने से बचाने के लिए “सीरियस इंजरी रिप्लेसमेंट” नियम लागू किया है। यह नियम केवल मल्टी डे मैच के लिए है। चोटिल खिलाड़ी की जगह प्लेइंग11 में उसकी तरह भूमिका निभाने वाले खिलाड़ी को मौका मिल सकता है। इसके लिए मैच रेफरी से मंजूरी जरूरी है। वह यह फैसला मेडिकल रिपोर्ट से संबंधित खिलाड़ी की चोट की गंभीरता को देखते हुआ लेता है। चोट मैच के दौरान लगी होनी चाहिए और कट और फ्रैक्चर जैसी बाहरी होनी चाहिए। हैमस्ट्रिंग में खिंचाव जैसी अंदरूनी चोट के लिए नियम लागू नहीं है। पूरी खबर पढ़ें