युवा खिलाड़ी सुमित नागल ने डेविस कप में आगाज के दौरान प्रभावित किया लेकिन भारत को यहां विश्व ग्रुप प्ले आफ मुकाबले में मजबूत स्पेन के हाथों 0-5 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। मौजूदा ओलंपिक और फ्रेंच ओपन के युगल चैंपियन मार्क लोपेज (जो अब एकल मैच नहीं खेलते) के खिलाफ खेलते हुए 19 वर्षीय नागल ने मैच के दौरान दबदबा बनाया लेकिन उन्हें मैच में सांस लेने में समस्या हो गई। वह चौथे मैच में 3-6, 6-1, 3-6 से हार गए जो दो घंटे से ज्यादा समय तक चला।
रामकुमार रामनाथन के लिए स्पेन की क्लीन स्वीप को रोकना मुश्किल था क्योंकि उनका प्रतिद्वंद्वी दुनिया का 13वें नंबर का खिलाड़ी डेविड फेरर था। फेरर ने उन्हें 6-2, 6-2 से पराजित किया और अपनी टीम को 5-0 से जीत दिलाई। रामकुमार ने भी हालांकि अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया। ये दोनों मुकाबले बेमानी ही थे क्योंकि पांच बार की डेविस कप चैंपियन स्पेन की टीम शनिवार को ही 3-0 से जीत चुकी थी।
पिछली बार भारतीय टीम को 2003 में वाइटवाश का सामना करना पड़ा था जब वह विश्व ग्रुप प्ले आफ मुकाबले में नीदरलैंड से उसकी सरजमीं पर हार गई थी। यह 21वीं बार है जब भारत को वाइटवाश का सामना करना पड़ा है। स्पेन की टीम ने उलट एकल में फेलिसियानो लोपेज की जगह मार्क लोपेज को उतारने का फैसला किया जबकि भारत ने नागल को पदार्पण का मौका दिया। मार्क डेविस कप मुकाबले में अपना दूसरा एकल मैच खेल रहे थे। पिछली बार वह एकल मैच 2013 में यूक्रेन के खिलाफ विश्व ग्रुप प्ले आफ में खेले थे। तब भी वह चौथा ही मैच खेले थे और उन्होंने डेनिस मोलचानोव के खिलाफ 6-3, 6-3 से जीत दर्ज की थी।
मार्क ने टूर पर अपना एकल मैच 2014 में बार्सिलोना में खेला था और वह उस साल टूर पर केवल एक ही मैच खेले थे। नागल ने शुरुआती मुश्किलों से पार पाते हुए खुलकर खेलना शुरू किया। उन्होंने अपने फोरहैंड से कुछ ताकतवर शॉट निकाले और ड्राप शॉट का भी चतुराई से इस्तेमाल किया। उन्होंने अपने खेल के स्टाइल, कोर्ट कवरेज और शॉट चयन से प्रभावित किया। उनके बैकहैंड पर काम करने की जरूरत है और मार्क ने मैच के अंत में उसी हिस्से में आक्रमण किया। अगर उन्हें सांस की समस्या नहीं हुई होती तो नागल यादगार जीत की ओर बढ़ रहे थे क्योंकि उनके खिलाफ खेलने वाला खिलाड़ी हाल के वषों में केवल आधे ही कोर्ट का इस्तेमाल कर रहा है।

