भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने राजकोट में भारत के खिलाफ दूसरे वनडे में न्यूजीलैंड की जीत से हैरान हैं। गावस्कर ने कहा कि इस हार से भारतीय टीम बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को नहीं आजमा पाएगा। डेरिल मिचेल की 131 रनों की नाबाद पारी की बदौलत न्यूजीलैंड ने राजकोट में दूसरे वनडे में जीत दर्ज करके सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। मेहमान टीम ने सात विकेट बाकी रहते 285 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया। सीरीज का निर्णायक मैच इंदौर में खेला जाएगा।
गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर कहा, “मैं इस बात से हैरान हूं कि न्यूजीलैंड ने इतनी आसानी से जीत कैसे हासिल कर ली, क्योंकि उनकी बल्लेबाजी शुरू होने से पहले लगा था कि भारत धीमी पिच का फायदा उठाएगा। न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने, सिर्फ स्पिनर्स ही नहीं, बल्कि सभी ने पिच की धीमी गति का अच्छे से इस्तेमाल किया, ऐसा लग रहा था कि भारत न्यूजीलैंड को 260 या 270 रन के आसपास रोक पाएगा। मुझे लगा था कि यह भारत को आसान से जीत मिलेगी।”
मिचेल-यंग की साझेदारी की तारीफ
गावस्कर ने मिचेल की विल यंग (87) के साथ मिलकर 162 रन की साझेदारी की खूब तारीफ की, जिससे मैच भारत के हाथ से निकल गया। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि उन्होंने दिखाया कि कैसे लगभग 300 रन के स्कोर का पीछा किया जा सकता है, इसके लिए आपको जमने के लिए समय लेना होगा और फिर अपनी स्ट्रोक-मेकिंग काबिलियत और विकेटों के बीच दौड़ने की क्षमता पर भरोसा करना होगा।”
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जायसवाल जैसे खिलाड़ी को आजमाने की गुंजाइश नहीं
गावस्कर ने कहा कि सीरीज के आखिरी मैच में भारत पर दबाव होगा और उनके पास यशस्वी जायसवाल जैसे किसी खिलाड़ी को आजमाने की गुंजाइश नहीं है, जिन्हें अगर सीरीज का नतीजा पहले ही तय हो गया होता तो इंदौर मैच में मौका दिया जा सकता था। उन्होंने कहा, ” …अगर वे यह मैच जीत जाते तो उन्हें थोड़ा खिलाड़ियों को आजमाने की आजादी मिलती, शायद उन खिलाड़ियों को मौका मिलता जो अब तक नहीं खेले हैं। जायसवाल जैसे खिलाड़ी को भी खेलने का मौका मिल सकता था।”
