उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के उत्पादन केंद्र के रूप में तैयार करने का खाका तैयार हो चुका है। युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोज़गार मिल सके, इसके लिए प्रदेश सरकार एनसीआर में इलेक्ट्रॉनिक सिटी बनाएगी। माना जा रहा है कि सरकार के इस कदम से 4 लाख युवाओं को जॉब मिलेगी। कहा जा रहा है कि यहां बाहर से आने वाली कंपनियों को कई प्रकार की रियायत दी जाएगी।

500 एकड़ में फैला होगा परिसर: इसमें इलेक्ट्रॉनिक सिटी बसाई जाएगी। इसके लिए ज़मीन तलाशने का काम अब अपने अंतिम दौर में है। प्लान के मुताबिक जेवर एयरपोर्ट से नजदीकी के कारण इस जगह से आवागमन भी आसन होगा।

35 फीसद मोबाइल यूपी में बनेंगे : ऐसा दावा है कि तकरीबन 35 फीसदी मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक आइटम यूपी में बनेंगे और इससे यहां रहने वाले लोगों में रोज़गार का संकट भी ख़त्म होगा। युवाओं के लिए रोज़गार के लिए यह अपने हुनर को अजमाने का एक बेहतरीन मौका होगा। इंजीनियरिंग, डिप्लोमा और स्नातक आदि पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए यह सुनहरा अवसर होगा।

मंदी पर लगेगा ब्रेक: बाज़ार में मंदी से सिस्टम की कमर टूट जाने के बाद अब बड़ी कम्पनियों ने मंदी को थामने का बीड़ा उठाया है और इस संबंध में तमाम बड़ी कम्पनियों ने नोएडा के 300 बड़े शोरुम संचालकों के साथ बैठक की है। इसमें कई तरह के ऑफर दिए जाएंगे, जिससे ग्राहकों को भी सीधा लाभ मिल सकेगा। साथ ही, इसके तहत शोरूम को हर महीने के हिसाब से टार्गेट सौंपा जायेगा, इसमें उन्हें मोटर साइकिल, स्कूटी, एलसीडी, कूपन और विदेश यात्र समेत तमाम ऑफर शामिल होंगे। जैसे कि त्योहारी सीजन में कंपनियों की ओर से किया जाता रहा है।

बढ़ रहा है ट्रिपल कैमरे का क्रेज़ : साल 2019 में  ट्रिपल कैमरा वाले फोन्स का बाज़ार कुछ ऐसे ऊपर गया कि 2019 के अंत तक इसके 15 फीसद होने की उम्मीद है। हालांकि, वर्ष 2020 के अंत तक इसके 35 फीसदी पहुंचने की संभावना है। जाहिर है इस क्रेज का असर मंदी को पछाड़ने  पर भी पड़ेगा।