देश में नौजवानों के बीच आत्महत्या के मामले काफी बढ़ चुके हैं। बात स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की हो, कॉलेज के छात्रों की या फिर नौकरी करने वाले युवाओं की- अलग-अलग कारणों की वजह से लोग अपनी जानें गंवा रहे हैं।

दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले शौर्य पाटिल ने भी राजेंद्र नगर मेट्रो स्टेशन के प्लेटफॉर्म से कूदकर आत्महत्या कर ली। वह सेंट कोलंबिया स्कूल में पढ़ता था। सुसाइड नोट से पता चला कि वह कई टीचरों से परेशान था। उसने शिकायतें की थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शौर्य के साथ असल में क्या हुआ, यह जांच का विषय है, लेकिन एक बात साफ है- एक मासूम बच्चा ज़िंदगी से हार गया और आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाने को मजबूर हुआ।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े बताते हैं कि 1995 से 2021 तक 1,34,735 युवाओं ने आत्महत्या की। हैरानी की बात यह है कि देश में 26 सालों में कुल लगभग 33 लाख लोगों ने आत्महत्या की, जिनमें से 40% युवा और मासूम थे। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार 2022 में देश में 1,70,924 आत्महत्याएं दर्ज हुईं। यह संख्या 2021 की तुलना में 4.2% अधिक रही। नीचे दी गई टेबल से आसानी से 15 सालों का ट्रेंड समझते हैं, हर एज ग्रुप में आत्महत्याओं का क्या पैटर्न रहा है, उसे डीकोड करते हैं-

वर्ष14 वर्ष से कम आयु समूह (पुरुष)14 वर्ष से कम आयु समूह (महिला)14 वर्ष से कम कुल15–29 वर्ष आयु समूह (पुरुष)15–29 वर्ष आयु समूह (महिला)15–29 वर्ष कुलकुल आत्महत्या (सभी आयु)30 वर्ष से कम आयु समूह में कुल आत्महत्याप्रतिशत (%)
1995150416703174186661781236478891783965244.46
1996168317213404170331689233925882413732942.31
1997149715223019181011789735998958293901740.72
19981728153732621981719549393661047134263140.71
19991754182135752053320177407101105874428540.05
20001697162733241973418977387111085934203538.71
20011498150930071998118929398101085064191738.63
20021306157428802091718371392881104174216838.19
20031278129825762169718519398281108514240438.25
20041467144629132161718411401361136974304937.86
20051328122725552182319459402341139144278937.56
20061194127024642275719714422161181124468037.83
20071184129524792344620256431601226374563937.21
20081165121623812439620174446521250174703337.62
20091501145029512374621238439201271514687136.86
20101640149031302638721410476251345995075537.71
सोर्स: NCRB

सबसे ज्यादा मामले 2022 में महाराष्ट्र में दर्ज हुए। दूसरे नंबर पर तमिलनाडु, तीसरे पर मध्य प्रदेश, चौथे पर कर्नाटक और पांचवें पर पश्चिम बंगाल रहा। अगर यूनियन टेरिटरीज़ की बात करें, तो राजधानी दिल्ली में सबसे ज्यादा आत्महत्या के मामले सामने आए, जबकि दूसरे नंबर पर पुडुचेरी रहा।

राज्यआत्महत्याओं की संख्याराज्य का प्रतिशत (%)
महाराष्ट्र22,74613.30%
तमिलनाडु19,83411.60%
मध्य प्रदेश15,3869.00%
कर्नाटक13,6068.00%
पश्चिम बंगाल12,6697.40%
सोर्स: NCRB

पिछले कुछ वर्षों में एक और ट्रेंड सामने आया है – हर आयु वर्ग में महिलाओं की तुलना में पुरुषों की आत्महत्या दर अधिक है, जबकि डिप्रेशन के मामलों में अक्सर महिलाएं अधिक प्रभावित देखी जाती हैं। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, 2022 में 1,22,724 पुरुषों ने आत्महत्या की, जबकि महिलाओं की संख्या 48,172 रही। एनसीआरबी की 2022 की रिपोर्ट यह भी दिखाती है कि 18 से 30 वर्ष की उम्र वाले युवाओं में आत्महत्या के मामले सबसे ज्यादा हैं। इस आयु वर्ग की हिस्सेदारी 34.6% दर्ज की गई।

एनसीआरबी का 2022 का एक आंकड़ा बताता है कि किस कारण से देश का युवा सबसे ज्यादा सुसाइड कर रहा है, इसमें नौकरी से लेकर पारिवारिक समस्या तक शामिल है। नीचे दी गई टेबल से इसे समझते हैं-

कारणप्रतिशत (%)
परिवारिक समस्याएं31.70%
बीमारी/स्वास्थ्य समस्याएं18.40%
नशे की लत / शराब का सेवन6.80%
विवाह संबंधी समस्याएं4.80%
प्रेम-प्रसंग / लव अफेयर्स4.50%
दिवालियापन / कर्जग्रस्तता4.10%
बेरोज़गारी1.90%
परीक्षा में असफलता1.20%
प्रोफेशनल / करियर संबंधी समस्या1.20%
किसी प्रिय व्यक्ति की मृत्यु1.20%
संपत्ति विवाद1.10%
सोर्स: NCRB

अब आत्महत्याओं का ट्रेंड पूरे देश में चिंताजनक है, लेकिन राजस्थान के कोटा में हर साल कई छात्र खुद को फांसी लगा रहे हैं। वहां पर एक स्पष्ट पैटर्न दिखाई देता है- फेल होने का डल और परिवार का दबाव जान देने पर मजबूर कर रहा है। कोटा पुलिस ने खुद 2015 से लेकर 2022 तक का आंकड़ा जारी किया है जो बताने के लिए काफी है कि देश का युवा किस तरह से अपनी जान गंवा रहा है। नीचे दी गई टेबल से इसे समझते हैं-

वर्षआत्महत्या करने वाले छात्रों की संख्या
201517
201616
20177
201820
20198
20204
202215
कोटा पुलिस

(Disclaimer: आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है। अगर आपके मन में भी ऐसे ख्याल आ रहे हैं तो आप ऐसे किसी कदम को उठाने से पहले मदद मांग सकते हैं, मदद चाहिए तो क्लिक करें)

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