अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में युद्ध के बाद प्रशासन और पुनर्निर्माण के काम के लिए बनाए जाने वाले प्रस्तावित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने रविवार को अपने ऑफिशियल X हैंडल पर इस बात की जानकारी दी है।

गोर ने कहा है कि यह बोर्ड गाजा में स्थिरता और समृद्धि लाने का काम करेगा। 

‘बोर्ड ऑफ पीस’ की यह पहल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा संघर्षविराम योजना का हिस्सा है। व्हाइट हाउस ने बताया है कि दुनिया भर के कई बड़े नेताओं ने इसमें शामिल होने की मंजूरी दे दी है। डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह निमंत्रण दिए जाने के साथ ही भारत उन देशों की सूची में शामिल हो गया है जिन्हें अमेरिका अपनी 20 बिंदुओं वाली ‘व्यापक योजना’ के साथ जोड़ना चाहता है।

ट्रंप की इस योजना का मकसद गाजा में हमास और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त करना और वहां स्थिरता लाना है।

‘नेतन्याहू को मादुरो की तरह किडनैप कर लिया जाए…’

डोनाल्ड ट्रंप होंगे बोर्ड के अध्यक्ष

व्हाइट हाउस के अनुसार, इस बोर्ड का काम युद्ध के बाद गाजा में बनने वाले हालात की निगरानी करना होगा। बोर्ड ऑफ पीस के अध्यक्ष खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होंगे। यह बोर्ड मुख्य रूप से गाजा के पुनर्निर्माण, इसके लिए जरूरी निवेश जुटाना, फंडिंग की व्यवस्था आदि का काम करेगा।

इस बोर्ड में अब तक डोनाल्ड ट्रंप के अलावा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के विशेष वार्ताकार स्टीव विटकॉफ, उनके दामाद जेरेड कुशनर, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, अरबपति फाइनेंसर मार्क रोवन, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के वरिष्ठ सहयोगी रॉबर्ट गैब्रियल शामिल हैं।

गाजा एग्जीक्यूटिव बोर्ड का होगा गठन

माना जा रहा है कि आने वाले हफ्तों में इस बोर्ड में कुछ और नियुक्तियां की जाएंगी। जैसे फिलिस्तीनी टेक्नोक्रेट डॉ. अली शाथ के नेतृत्व में नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा का गठन होगा। इसका काम सार्वजनिक सेवाओं की बहाली, नागरिक संस्थानों का पुनर्निर्माण और गाजा में हर दिन की जिंदगी को बेहतर करना होगा। इसके अलावा गाजा एग्जीक्यूटिव बोर्ड भी बनाया जाएगा। यह बोर्ड प्रशासनिक कामों में मदद करेगा। 

व्हाइट हाउस ने तुर्किये, मिस्र, अर्जेंटीना, इंडोनेशिया, इटली, मोरक्को, ब्रिटेन, जर्मनी, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया समेत लगभग 60 देशों के राष्ट्राध्यक्षों को इस बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। 

शहबाज शरीफ को भी मिला निमंत्रण

पाकिस्तान ने रविवार को कहा है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा, “पाकिस्तान गाजा में शांति और सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में शामिल रहेगा, जिससे संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुसार फलस्तीन मुद्दे का स्थायी समाधान हो सके।” 

अगर ईरान पर अमेरिकी हमला हुआ तो खामेनेई के साथ कौन से मुस्लिम देश?