Pakistan News: गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान (Pakistan) की एक तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्टेडियम (Islamabad Stadium) की तस्वीर में 30 हजार से ज्यादा युवक और युवती पुलिस विभाग (Police Department) में कॉन्स्टेबल पद पर भर्ती के लिए जमीन पर बैठकर लिखित परीक्षा दे रहे हैं। इस्लामाबाद पुलिस विभाग ने 1667 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किया था।
Islamabad Sports Complex में मैदान में लिखित परीक्षा
इस्लामाबाद पुलिस विभाग के मुताबिक कांस्टेबल (Constable) पद पर भर्ती के लिए हजारों उम्मीदवारों से शनिवार को एक स्टेडियम (Sports Complex) के मैदान में लिखित परीक्षा लिया गया। इस्लामाबाद के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित लिखित परीक्षा में लगभग 32,000 पुरुष और महिला उम्मीदवारों को मैदान में बैठाया गया था। पुलिस विभाग में पिछले पांच साल से बड़ी संख्या में कांस्टेबल के पद खाली (Vacancy) पड़े हैं। इस बार 1,667 खाली पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई है।
Social Media पर वायरल हो रही पाकिस्तान की हंसी उड़ाती तस्वीर
सोशल मीडिया (Social Media) पर तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद पाकिस्तान में विकराल होती बेरोजगारी ( Unemployment) की समस्या एक बार फिर दुनिया के सामने आ गई है। पाकिस्तान में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में ही नौकरी की भारी किल्लत है। इसके चलते बेरोजगारी चरम पर है। पाकिस्तान में आर्थिक दिक्कतों (Economic Crisis) के बाद सबसे ज्यादा बेरोजगारी की समस्या को लेकर सरकार पर सवाल हो रहे हैं।
Pakistan में 6.9 फीसदी है मौजूदा बेरोजगारी दर
पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स (PIDE) की ओर से साल 2022 में जारी एक स्टडी रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा वक्त में देश के 31 फीसदी से ज्यादा युवा बेरोजगार हैं। इनमें महिलाओं की भागीदारी 51 फीसदी है। वहीं 16 फीसदी पुरुष हैं। पाकिस्तान में मौजूदा बेरोजगारी दर 6.9 फीसदी है। बेरोजगार लोगों में ज्यादातर के पास पेशेवर डिग्री भी है। दूसरी ओर पाकिस्तान में कुल आबादी का लगभग 60 फीसदी हिस्सा 30 साल से कम उम्र के युवाओं का है।
Pakistan में इन बड़ी वजहों से विकराल हुई Economic Crisis
पाकिस्तान में बीते साल प्रधानमंत्री पद से इमरान खान (Imran Khan) को सुप्रीम कोर्ट की मदद से बेदखल करने और तीन विरोधी राजनीतिक विचारधाराओं के दलों के गठबंधन की सरकार आने के बाद से अस्थिरता लगातार बढ़ती जा रही है। प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) की सरकार लगातार राजनीतिक अस्थिरता से जूझती हुए पाकिस्तान को बदतर हालात से निकालने की कोशिश में लगी है।
दूसरी ओर, भयानक बाढ़ से पाकिस्तान में एक-तिहाई लोगों के प्रभावित होने के बाद आर्थिक मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के दरवाजे पर जाना पड़ा। वहीं एफएटीएफ (FATF) की पाबंदियों से भी पाकिस्तान लगातार जूझ रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine war) और कोरोना महामारी (Coronavirus) के चलते भी पाकिस्तान की आर्थिक कमर टूटी पड़ी है।
