Iran Economic Protest: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों की हत्या के खिलाफ चेतावनी दी, अब इस पर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के नजदीकी मानें जाने वाले नेता ने ट्रंप को धमकी दे दी और कहा अपने सैनिकों की सुरक्षा ध्यान रखनी चाहिए।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और उनकी फौज की ओर कड़ा रूख करते हुए कहा था कि अगर शांति से प्रदर्शन करते नागरिकों पर गोलियां चलाई गईं तो उनको बचाने के लिए अमेरिका आएगा। साथ ही यह भी कहा कि अमेरिका के मिसाइल तैयार हैं।
खामेनेई के सलाहकार ने दी ट्रंप को धमकी
इसी पर ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के सलाहकार अली लारीजानी ने अमेरीकी राष्ट्रपति ट्रंप को चेतावनी देते हुए एक्स पर अपने आधिकारिक हैंडल से पोस्ट कर कहा, “इजरायल के अधिकारियों और डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से अब पर्दे के पीछे की सारी बातें साफ हो गई हैं। हम विरोध कर रहे दुकानदारों के रुख और उपद्रवी तत्वों की हरकतों में फर्क समझते हैं और ट्रंप को यह समझना चाहिए कि इस आंतरिक मामले में अमेरिका का हस्तक्षेप पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर देगा और अमेरिका के हितों को नुकसान पहुंचाएगा।”
आगे कहा,”अमेरिकी नागरिकों को यह जानना चाहिए कि इस दुस्साहस की शुरुआत ट्रंप ने ही की है। उन्हें अपने सैनिकों की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।”
ट्रंप ने क्या कहा था?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा,”अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को गोली मारकर, उनकी हिंसक तरीके से जान लेगा, जैसा कि वो कर रहा है, तो अमेरिका उन प्रदर्शनकारियों की रक्षा के लिए आगे आएगा। हम लॉक और लोडेड हैं (यानी अमेरिकी मिसाइल तैयार है) और हमले के लिए तैयार हैं।”
प्रदर्शन में मारे गए सात लोग
ईरान में पिछले चार-पांच दिनों से हालात बिगड़े हुए है। लोग ईरान में खराब आर्थिक हालात के कारण सड़कों पर उतर गए हैं। कई जगहों पर ईरानी सुरक्षाकर्मियों और नागरिकों के बीच झड़प हुई जिसमें कम से कम सात लोगों के मारे जाने की खबर है। साल 2022 के महसा अमीनी के मौत मामले में हुए आंदोलन के बाद यह अब तक बड़ा आंदोलन माना जा रहा है।
दुनिया ईरान में हो रहे प्रदर्शन को लेकर नजर बनाए हुए हैं। बता दें कि रविवार को ईरानी रियाल की कीमत रिकार्ड निचले स्तर पर आ गई, इसके बाद लोग सड़कों पर उतर आए और खामेनेई प्रशासन के खिलाफ नारे लगाने लगे। ईरान में मुद्रा गिरने से जरूरी सामान काफी महंगे हो गए हैं।
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