Iran Protest Latest News: ईरान में लोग बढ़ती महंगाई और खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। राजधानी तेहरान से हुई इनकी शुरुआत अब देश के कई शहरों तक पहुंच गई है और 8 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी तो ईरान ने संयुक्त राष्ट्र का रुख कर लिया। ईरान की तरफ से ये भी कहा गया कि वह निर्णायक और संतुलित आत्मरक्षा का अधिकार रखता है।

ईरान में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में मारे गए प्रदर्शनकारियों के अंतिम संस्कार में “खामेनेई मुर्दाबाद” और “शाह वापस लौटेंगे” के नारे गूंज रहे हैं क्योंकि ईरान भर में अशांति सातवें दिन भी जारी रही। बिगड़ती अर्थव्यवस्था को लेकर प्रदर्शन कम से कम 50 शहरों में हिंसक हो गए, जिनमें शिया धार्मिक गढ़ क़ोम भी शामिल है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने के खिलाफ चेतावनी दी है।

पढ़ें ईरान में विरोध प्रदर्शन की 10 बड़ी बातें

1- अमेरिकी विदेश विभाग ने क्या कहा? अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरानी शहरों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक वीडियो शेयर किया है। इसमें कहा गया है कि ये प्रदर्शन स्वतंत्रता पर अंकुश, गरिमा की हानि और बुनियादी आवश्यकताओं की कमी को लेकर जनता के गुस्से से प्रेरित हैं।

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2- यूएन की भी एंट्री- ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मानवाधिकारों पर विशेष प्रतिवेदक माई सातो ने ईरानी अधिकारियों से प्रदर्शनकारियों के अधिकारों का सम्मान करने का आग्रह किया। सातो ने शुक्रवार को X पर पोस्ट किया कि मैं ईरानी अधिकारियों से अभिव्यक्ति, संगठन और शांतिपूर्ण सभा की स्वतंत्रता के अधिकारों का सम्मान करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल का प्रयोग करने से परहेज करने का आह्वान करता हूं।

3- ईरान की अमेरिका को चेतावनी- ईरान के पूर्व IRGC चीफ मोहसिन रजाई ने डोनाल्ड ट्रंप को सीधे शब्दों में ललकारते हुए कहा है कि अगर ईरान पर एक भी हमला हुआ, तो अमेरिका के सभी सैन्य अड्डों और इजरायल को श्मशान बना दिया जाएगा। ट्रंप की चेतावनी से भड़के रजाई ने साफ कर दिया है कि तेहरान अब रक्षात्मक नहीं बल्कि आक्रामक रुख अपनाएगा, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में महाविनाश की आग लग सकती है।

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4- खामनेई की मौत के नारे ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी जाहेदान में नमाज के बाद एक बार फिर बगावत की आग भड़क उठ हजारों की भीड़ ने सड़कों पर उतरकर सीधे सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और ‘खामेनेई की मौत’ के नारे लगाकर सत्ता को खुली चुनौती दी। एक तरफ सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी अमेरिका को बाहरी दखल न देने की चेतावनी दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ जाहेदान और मार्वदश्त जैसे शहरों में उठी यह आंतरिक लहर दिखा रही है कि ईरान अब चौतरफा संकट में घिर चुका है।

5- अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर तबाही मचेगी – ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघर गालिबाफ ने डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि अगर अमेरिका ने कोई भी ‘दुस्साहसी’ कदम उठाया, तो पूरे मध्य पूर्व में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने और बल ईरान के ‘वैध लक्ष्य’ होंगे। गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि ट्रंप का प्रदर्शनकारियों को समर्थन देना ईरान के आंतरिक मामलों में सीधा दखल है. उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का जवाब भीषण सैन्य प्रहार से दिया जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र में अमेरिकी हितों के लिए अस्तित्व का संकट पैदा हो सकता है।

6- खामनेई की सत्ता खत्म करने की मांग ईरान में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस स्टेशनों और बासिज मुख्यालयों पर धावा बोल दिया है और सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के शासन को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। खबरों के अनुसार, कासिम सुलेमानी की मूर्तियों को जला दिया गया है, और कुछ प्रदर्शनकारियों ने निर्वासित युवराज रजा पहलवी के नेतृत्व में राजशाही की वापसी का समर्थन किया है।

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7- कई शहरों में फैला विरोध प्रदर्शन- ईरान में यह विरोध प्रदर्शन बढ़कर कराज, हमदान, क़ेशम, मलर्द, इस्फ़हान, करमानशाह, शिराज और यज़्द जैसे शहरों तक फैल गया है। अशांति तब शुरू हुई जब तेहरान के ग्रैंड बाज़ार में दुकानदारों ने हड़ताल कर दी, क्योंकि ईरानी रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था। BBC के वीडियो में प्रदर्शनकारियों को सड़कों पर उतरते हुए दिखाया गया है, जबकि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

8 – रजा पहलवी ने लिखा पोस्ट ईरान के निर्वासित शाही परिवार के सदस्य और विपक्षी नेता रजा पहलवी ने तेहरान से लेकर लोरेस्टान, इस्फ़हान और उससे आगे तक पूरे ईरान में विरोध प्रदर्शन कर रहे नागरिकों को सम्मानित करते हुए एक संदेश पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि मैं आपको पूरे ईरान में साहसपूर्वक खड़े रहने के लिए सलाम करता हूं, लोरेस्टान, चहारमहल और बख्तियारी, और इस्फ़हान से लेकर करमानशाह, इलम और खुज़ेस्तान तक; फ़ार्स, हमदान और ज़ंजन से लेकर मरकज़ी, क़ोम और तेहरान तक; क़ज़विन, अल्बोर्ज़ और गिलान से लेकर माज़ंदरान, खोरासान और होर्मोज़गान तक।

9- क्या थी विरोध प्रदर्शन की वजह? – ईरान में विरोध प्रदर्शन तब शुरू हुए जब तेहरान के ग्रैंड बाज़ार में दुकानदारों ने हड़ताल कर दी क्योंकि ईरानी रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँच गया था। बढ़ती मुद्रास्फीति और मुद्रा के गिरते मूल्य सहित आर्थिक कठिनाइयों ने नागरिकों में आक्रोश पैदा कर दिया, जो जल्दी ही अन्य शहरों और समूहों, जिनमें छात्र और श्रमिक शामिल थे, तक फैल गया।

10 – हिंसा का सहारा गलत – ईरान के सरकारी समाचार पत्र आईआरएनए के अनुसार रिवोल्यूशनरी गार्ड के बासिज बल में कार्यरत 21 वर्षीय एक स्वयंसेवक की मौत हो गई, जबकि बासिज के 13 अन्य सदस्य और पुलिस अधिकारी घायल हो गए। अधिकारियों ने हिंसा के लिए प्रदर्शनकारियों को दोषी ठहराते हुए कहा है कि उनकी आवाज सुनी जानी चाहिए, लेकिन हिंसा का सहारा लेना अस्वीकार्य है।

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