Iran Economic Crisis: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या के खिलाफ चेतावनी दी है। साथ ही दावा किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका उनकी मदद के लिए आगे आएगा। ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और उनकी फौज को चेतावनी दी है कि अगर शांति से प्रदर्शन करते लोगों पर गोलियां चलाई गईं तो उनको बचाने के लिए अमेरिका तैयार है। अमेरिका के मिसाइल तैयार हैं।
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, “यदि ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की गोली मारकर हिंसक तरीके से जान लेता है, जैसा कि वो करता आया है, तो अमेरिका उन प्रदर्शनकारियों के बचाव में आएगा। हम लॉक और लोडेड हैं (यानी मिसाइल तैयार है) और जाने के लिए तैयार हैं. इस बात की ओर आपका ध्यान के लिए धन्यवाद! राष्ट्रपति डोनाल्ड जे.ट्रंप।”
ईरान में खराब आर्थिक हालात के कारण चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच यह घटना हुई है। इन प्रदर्शनों में अब तक कम से कम सात लोगों की मौत हो चुकी है। साल 2022 के बाद से यह देश के सबसे बड़े प्रदर्शन माने जा रहे हैं, जो गुरुवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रहे। बढ़ती महंगाई, ईरानी मुद्रा रियाल की भारी गिरावट और लोगों में बढ़ती नाराज़गी के कारण ये प्रदर्शन तेहरान से लेकर कई ग्रामीण इलाकों तक फैल गए हैं।
रविवार को जब रियाल की कीमत रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई, तब तेहरान के बड़े बाजारों में विरोध शुरू हुआ। मुद्रा गिरने से जरूरी सामान महंगे हो गए और आम लोगों का जीवन मुश्किल हो गया। इसके बाद मंगलवार तक शिराज, इस्फ़हान, करमानशाह और फ़ासा जैसे शहरों में भी छात्र और स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं। वीडियो में लोग सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, एमईके की ओर से जारी किए गए और वीडियो में ईरान के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी भीड़ को नारे लगाते हुए देखा गया है। लोग “खामेनेई मुर्दाबाद” और “तुम पर शर्म आती है” जैसे नारे लगा रहे हैं। ये विरोध प्रदर्शन खास तौर पर तेहरान में बाजार के व्यापारियों की अगुवाई में शुरू हुए और अब धीरे-धीरे पूरे देश में फैलते जा रहे हैं।
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राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने माना कि लोगों में गुस्सा है और उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की वाजिब मांगों को सुना जाएगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि हालात बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने हालात संभालने के लिए कुछ कदम भी उठाए हैं, जिनमें नया केंद्रीय बैंक प्रमुख नियुक्त करना और विश्वविद्यालयों के आसपास सुरक्षा बढ़ाना शामिल है।
यह मौजूदा अशांति 2022 में महसा अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद हुए प्रदर्शनों के बाद सबसे बड़ी मानी जा रही है। इन प्रदर्शनों से साफ है कि देश में महंगाई, बेरोजगारी, पानी की कमी और शासन से जुड़े मुद्दों को लेकर लोगों में गहरी नाराजगी है।
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