Tahawwur Rana 26/11 Mumbai Attack Accused: 26/11 का आरोपी तहव्वुर राणा भारत में प्रत्यर्पण से बचने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। ऐसी ही एक कोशिश उसने गुरुवार को भी की। उसने आरोप लगाया कि उसे भारत में प्रताड़ित किया जाएगा। अपने प्रत्यर्पण को रोकने के लिए राणा ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अपनी अपील के आवेदन में राणा ने कहा कि मुझे बहुत ज्यादा यातनाएं दी जाएंगी, क्योंकि मैं पाकिस्तानी मूल का मुसलमान हूं।

तहव्वुर राणा ने कहा, ‘अगर स्थगन दर्ज नहीं किया जाता है, तो कोई समीक्षा नहीं होगी और अमेरिकी अदालतें अधिकार क्षेत्र खो देंगी और याचिकाकर्ता जल्द ही मर जाएगा।’ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उसे कुछ ही हफ्तों में भारत लाया जा सकता है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ‘हमारी जेलें राणा के लिए तैयार हैं। हमने अजमल कसाब को रखा है, इसलिए यह कोई सुरक्षा खतरा नहीं है।’ भारत लाए जाने के बाद राणा को एनआईए कोर्ट में पेश किए जाने की उम्मीद है। इसके बाद एनआईए पूछताछ के लिए उसकी हिरासत की मांग करेगी। प्रत्यर्पण को भारतीय एजेंसियों और सरकार के लिए एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप ने प्रत्यर्पण को दी थी हरी झंडी

पिछले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राणा के प्रत्यर्पण को हरी झंडी दे दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा, ‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मेरे प्रशासन ने 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले के साजिशकर्ताओं में से एक तहव्वुर राणा और दुनिया के सबसे बुरे लोगों में से एक को भारत में न्याय का सामना करने के लिए प्रत्यर्पित करने को मंजूरी दे दी है।’ ट्रंप ने यह भी कहा कि वह और मोदी कट्टरपंथी इस्लाम से पैदा हुए खतरे से लड़ेंगे।

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भारत लंबे वक्त से कर रहा था मांग

राणा पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों द्वारा किए गए 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले में वांछित है। राणा पाकिस्तान मूल का है। वह भारत में मुंबई हमलों में शामिल होने के आरोपों का सामना कर रहा है। इस हमले में करीब 174 लोगों की जान चली गई थी। भारत लंबे समय से उसके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। 26/11 हमले के सिलसिले में राणा पर अपने सहयोगी डेविड कोलमैन हेडली की मदद करने का आरोप है, जिसे दाउद गिलानी के नाम से भी जाना जाता है। अमेरिकी अधिकारियों ने अक्टूबर 2009 में हेडली को गिरफ्तार किया था। आतंकी तहव्वुर राणा का भारत आना क्यों बड़ी जीत