बांग्लादेश में 18 दिसंबर को हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की लिंचिंग कर दी गयी थी। इस मामले में अब बांग्लादेश पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने मैमनसिंह जिले के भालुका में हुई दीपू चंद्र दास लिंचिंग मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया। बांग्लादेशी मीडिया द डेली स्टार ने एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एडमिनिस्ट्रेशन) अब्दुल्ला अल मामून के हवाले से बताया कि भालुका के रहने वाले 25 वर्षीय मोहम्मद यासीन अराफात को बुधवार दोपहर ढाका के डेमरा पुलिस स्टेशन के सरुलिया इलाके से गिरफ्तार किया गया।
मस्जिद में इमाम है आरोपी
रिपोर्ट में कहा गया है कि अराफात काशर में शेखबारी मस्जिद में इमाम के तौर पर काम करता था और मदीना तहफीजुल कुरान मदरसा में पढ़ाता भी था। इसमें यह भी कहा गया है कि अराफात ने कथित तौर पर दीपू चंद्र दास पर हमले का नेतृत्व किया था। 18 दिसंबर को लोगों की एक भीड़ ने कथित तौर पर एक हिंदू व्यक्ति दीपू चंद्र दास को ईशनिंदा का आरोप लगाकर पीट-पीटकर मार डाला।
बीबीसी बांग्ला ने भालुका पुलिस स्टेशन के ड्यूटी ऑफिसर रिपन मिया के हवाले से बताया कि उसे पीट-पीटकर मारने के बाद हमलावरों ने उस युवक के शव को एक पेड़ से बांध दिया और आग लगा दी। बांग्लादेश में जब से छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद से ही अशांति फैली हुई है।
हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा
फरवरी 2026 में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से कुछ महीने पहले ही देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। दीपू दास को पीट-पीटकर मारे जाने के ठीक दो हफ्ते बाद 31 दिसंबर को बांग्लादेश के शरीयतपुर जिले के दामुड्या इलाके में एक और हिंदू व्यक्ति को चाकू मारकर आग लगा दी गई। उस व्यक्ति की पहचान 45 वर्षीय खोकन चंद्र दास के रूप में हुई, जिसे कथित तौर पर गंभीर चोटें आईं और उसे ढाका के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
भारत ने क्या कहा?
इन हमलों की निंदा करते हुए भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ जारी हिंसा को गंभीर चिंता का विषय बताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दिसंबर में एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा था, “बांग्लादेश में हिंदुओं, ईसाइयों और बौद्धों सहित अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार दुश्मनी गंभीर चिंता का विषय है। हम मैमनसिंह में एक हिंदू युवक की हालिया क्रूर हत्या की निंदा करते हैं और उम्मीद करते हैं कि दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।” (यह भी पढ़ें- बांग्लादेश में मारे गए दीपू के भाई का छलका दर्द)
