Winter Exercise Benefits: सर्दियों का मौसम आते ही हमारी दिनचर्या बदलने लगती है। सुबह रजाई छोड़कर उठना मुश्किल लगता है और ठंडी हवा में बाहर निकलने का मन नहीं करता। ऐसे में सबसे पहले असर हमारी एक्सरसाइज रूटीन पर पड़ता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि ठंड में थोड़ा आराम कर लिया जाए, कुछ महीनों तक एक्सरसाइज न भी करें तो क्या फर्क पड़ेगा। लेकिन यही छोटी-सी लापरवाही आगे चलकर बड़ी सेहत की समस्या बन सकती है। एशियन हॉस्पिटल में चेयरमैन और इंटरनल, मेडिसिन, डॉ. प्रांजित भौमिक का कहना है कि सर्दियों में शरीर को जितनी गर्मी की जरूरत होती है, उतनी ही एक्टिविटी भी जरूरी होती है। अगर ठंड के मौसम में एक्सरसाइज पूरी तरह छोड़ दी जाए, तो वजन बढ़ने से लेकर दिल और इम्यूनिटी तक पर बुरा असर पड़ सकता है। यही वजह है कि सर्दियों में खुद को एक्टिव रखना बेहद जरूरी माना जाता है।
वजन बढ़ना और मेटाबॉलिज्म स्लो होना
डॉ. प्रांजित भौमिक के अनुसार, सर्दियों में शरीर स्वाभाविक रूप से ज्यादा कैलोरी स्टोर करने लगता है ताकि ठंड से बचाव हो सके। ऐसे में अगर एक्सरसाइज कम कर दी जाए, तो वजन तेजी से बढ़ सकता है। ठंड में एक्टिव न रहने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे फैट जमा होने लगता है। यह स्थिति आगे चलकर इंसुलिन रेजिस्टेंस और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा भी बढ़ा सकती है।
इम्यूनिटी
सर्दियों में सर्दी-खांसी, फ्लू और वायरल इंफेक्शन के मामले बढ़ जाते हैं। एक्सरसाइज शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है। डॉक्टर बताते हैं कि नियमित एक्सरसाइज से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और इम्यून सेल्स एक्टिव रहते हैं। जब लोग ठंड में एक्सरसाइज छोड़ देते हैं, तो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है और बार-बार बीमार होने का खतरा बढ़ जाता है।
हार्ट हेल्थ पर भी पड़ता है असर
ठंड के मौसम में हार्ट अटैक और ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं का जोखिम पहले से ही ज्यादा रहता है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति फिजिकली एक्टिव नहीं रहता, तो खतरा और बढ़ जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, एक्सरसाइज न करने से कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ सकता है और ब्लड वेसल्स में कठोरता आ सकती है। इससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। खासकर वे लोग, जिन्हें पहले से हाई बीपी, शुगर या दिल से जुड़ी समस्या है, उन्हें सर्दियों में एक्टिव रहना बेहद जरूरी है।
मानसिक सेहत पर पड़ता है असर
सर्दियों में धूप कम निकलने की वजह से कई लोगों को लो मूड, चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन जैसी समस्याएं होने लगती हैं। एक्सरसाइज करने से शरीर में एंडॉर्फिन हार्मोन रिलीज होता है, जिसे फील गुड हार्मोन कहा जाता है। डॉ. भौमिक बताते हैं कि जो लोग सर्दियों में भी एक्टिव रहते हैं, उनमें तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन का खतरा कम देखा जाता है। यानी एक्सरसाइज सिर्फ शरीर ही नहीं, दिमाग को भी फिट रखती है।
जोड़ों में जकड़न और दर्द की समस्या
ठंड में ब्लड सर्कुलेशन कम होने से जोड़ों में जकड़न और दर्द बढ़ सकता है, खासकर बुज़ुर्गों में। डॉक्टर बताते हैं कि हल्की एक्सरसाइज, योग और स्ट्रेचिंग से जोड़ों में लचीलापन बना रहता है और दर्द से राहत मिलती है, जबकि लंबे समय तक निष्क्रिय रहना समस्या को बढ़ा सकता है।
सर्दियों में एक्सरसाइज करने का तरीका
डॉक्टरों के मुताबिक सर्दियों में बहुत भारी वर्कआउट से बचें, लेकिन पूरी तरह एक्टिविटी छोड़ना भी सही नहीं है। घर पर योग, प्राणायाम, स्ट्रेचिंग या बॉडीवेट एक्सरसाइज करें। रोज 20–30 मिनट वॉक या हल्की जॉगिंग फायदेमंद है, साथ ही वार्म-अप और कूल-डाउन जरूर करें।
इन चीजों का रखें ही ध्यान
सर्दियों में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को पानी की उतनी ही जरूरत होती है। एक्सरसाइज के साथ-साथ पर्याप्त पानी पिएं और संतुलित आहार लें। हरी सब्जियां, फल, प्रोटीन और गर्म सूप को डाइट में शामिल करें।
निष्कर्ष
सर्दियों में एक्सरसाइज छोड़ना भले ही आरामदायक लगे, लेकिन इसके लंबे समय तक गंभीर स्वास्थ्य परिणाम हो सकते हैं। वजन बढ़ना, इम्यूनिटी कमजोर होना, हार्ट से जुड़ी समस्याएं और मानसिक तनाव, ये सभी फिजिकल इनएक्टिविटी से जुड़े खतरे हैं। डॉ. प्रांजित भौमिक के अनुसार, सर्दियों में भी नियमित, सुरक्षित और संतुलित एक्सरसाइज करना अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
