हम लोगों का लाइफस्टाइल और डाइट इतनी ज्यादा खराब हो गई है कि हम खाने के नाम पर सिर्फ पेट भरते हैं। ऐसा खाना खाते हैं जो देखने और खाने में अच्छा लगता है,लेकिन उसमें पोषक तत्व नदारद होते हैं। ऐसे फूड्स शरीर को ऊर्जा देने के बजाय सुस्ती, थकान और भारीपन महसूस कराते हैं। अक्सर लोग खाना खाते हैं और उनकी बॉडी सुस्त हो जाती है। ज्यादातर लोग रात का खाना खाकर सीधे बेड पर चले जाते हैं।  ये आदत  न सिर्फ वजन बढ़ाने में जिम्मेदार है बल्कि पाचन भी बिगाड़ती है। खाते ही सुस्ताने की आदत के कारण खाना पेट में लंबे समय तक रुका रहता है, जिससे एसिडिटी, गैस, ब्लोटिंग और कब्ज जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।
 
खाना खाने के बाद थोड़ी देर टहलना एक सरल लेकिन बेहद प्रभावी आदत है, जो पाचन को सपोर्ट करती है और कई तरीकों से आपकी सेहत को बेहतर बना सकती है। यह आदत शरीर की ऊर्जा को इस्तेमाल करने और प्रोसेस करने की क्षमता को बढ़ाती है। वॉकिंग करने से मांसपेशियों में ब्लड फ्लो बढ़ता है, जिससे पाचन बेहतर होता है और शरीर पोषक तत्वों को अधिक प्रभावी तरीके से अवशोषित करता है। साथ ही वॉकिंग तनाव कम करती है, जिससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों पर सकारात्मक असर पड़ता है।

AIIMS, हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में प्रशिक्षित गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने हाल ही में एक पोस्ट शेयर कर बताया है कि खाने के बाद सिर्फ 10 मिनट चलने के कई बड़े फायदे बताए। आइए जानते हैं कि खाने के बाद वॉक करने से बॉडी को कौन-कौन से फायदे होते हैं।

ब्लड शुगर होता है कंट्रोल

डॉ. सेठी के अनुसार पोस्ट-मील वॉक ब्लड शुगर को कम करने में मदद करती है, जो इंसुलिन रेजिस्टेंस या डायबिटीज वाले लोगों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है। खाने के बाद चलने से ग्लूकोज़ ब्लडस्ट्रीम में धीरे-धीरे प्रवेश करता है और ब्लड शुगर करीब 30% तक कम हो सकता है। इससे शुगर स्पाइक कम होता हैं इंसुलिन रिलीज़ कम होता है और शरीर में सूजन घटती है।

इंसुलिन स्पाइक्स कम करता है

थोड़ी सी वॉक आपकी मांसपेशियों को ब्लड से ग्लूकोज़ खींचने का संकेत देती है, वह भी बिना अधिक इंसुलिन की जरूरत के। इसी वजह से पोस्ट-मील वॉक कई दवाओं से ज्यादा प्रभावी तौर पर ब्लड शुगर कर्व को कंट्रोल कर सकती है।

पाचन में होता है सुधार

वॉकिंग पाचन को सक्रिय करती है और भोजन को पेट व आंतों के अंदर आसानी से आगे बढ़ने में मदद करती है, जिससे सूजन या भारीपन कम होता है। हल्की वॉक GI ट्रैक्ट और वेगस नर्व को सक्रिय करती है, जिससे कब्ज की बीमारी कंट्रोल रहती है और पाचन में सुधार होता है।

ब्लोटिंग होती है दूर

ब्लोटिंग एक आम समस्या है जो अक्सर लोगों को परेशान करती है। कुछ लोगों का खाना खाने के बाद तुरंत पेट तन जाता है। डॉ. सेठी बताते हैं कि खाने के बाद वॉक करने से गैस रिटेंशन कम होती है जो भोजन को आगे बढ़ाने में मदद करती है। IBS या स्लो डाइजेशन वाले लोगों के लिए पाचन को दुरुस्त करने का ये सबसे आसान उपाय है।

एसिडिटी और हार्टबर्न होता है कंट्रोल

खाने के तुरंत बाद बैठना या लेटना एसिड रिफ्लक्स बढ़ा सकता है। धीमी वॉक खाना आगे बढ़ाती है और एसिड एक्सपोज़र कम करती है। सिर्फ 10–12 मिनट चलना एसिडिटी को काफी हद तक कम कर सकता है।

ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर में होता है सुधार

खाने के बाद वॉक करने से ब्लड में मौजूद फैट को जल्दी साफ करने में मदद मिलती है। नियमित रूप से पोस्ट-मील वॉक करने से कार्डियो मेटाबोलिक रिस्क, फैटी लिवर मार्क्स और कमर की चर्बी घट सकती है।

नींद में होता है सुधार

वॉकिंग ग्लूकोज लेवल को स्थिर रखती है और एसिड रिफ्लक्स कम करती है,दोनों ही खराब नींद के बड़े कारण हैं। बेहतर नींद हार्मोन बैलेंस को सुधारती है, भूख कंट्रोल करती है और पाचन को बेहतर बनाती है।

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