सर्दियों का मौसम जहां ठंड और रूखेपन के साथ आता है, वहीं इसका असर वजाइना की स्किन पर भी पड़ता है। कई महिलाओं को इस दौरान वजाइना में खुजली, जलन और ड्राईनेस की समस्या होने लगती है। यह परेशानी न सिर्फ शारीरिक असहजता बढ़ाती है, बल्कि आत्मविश्वास और सेक्शुअल लाइफ को भी प्रभावित करती है। ऐसे में डॉक्टरों द्वारा बताए गए कुछ आसान टिप्स अपनाकर इस समस्या से राहत पाई जा सकती है।
क्यों बढ़ जाती है सर्दियों में वजाइना की समस्या?
हेल्थ एंड वेलनेस एक्सपर्ट डॉक्टर सोनू खोखर के अनुसार, सर्दियों में हवा में नमी कम हो जाती है, जिससे हमारी पूरी स्किन ड्राई होने लगती है। चेहरा, हाथ-पैर ही नहीं बल्कि वजाइना की स्किन भी रूखी हो जाती है। इसके अलावा ठंड के मौसम में लोग पानी कम पीते हैं, ज्यादा गर्म कपड़े पहनते हैं और पसीना सूखने के बाद सफाई का ध्यान नहीं रख पाते। यही कारण है कि इस मौसम में वजाइनल ड्राईनेस, खुजली और जलन की शिकायत ज्यादा देखने को मिलती है।
वजाइनल ड्राईनेस और खुजली के क्या हो सकते हैं नुकसान?
अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान न दिया जाए, तो यह परेशानी बढ़ सकती है। लगातार खुजली और जलन से चलने-फिरने, बैठने और बाहर निकलने में दिक्कत होती है। कई महिलाओं को इंटिमेसी के दौरान दर्द महसूस होता है, जिससे उनका कॉन्फिडेंस भी कम होने लगता है। कभी-कभी संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है।
खुद को हाइड्रेट रखना है सबसे जरूरी
हेल्थ एंड वेलनेस एक्सपर्ट डॉक्टर सोनू खोखर के अनुसार, सर्दियों में वजाइनल ड्राईनेस से बचने का सबसे आसान तरीका है खुद को हाइड्रेट रखना। ठंड के मौसम में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को पानी की जरूरत उतनी ही होती है। कम पानी पीने से शरीर में नमी की कमी हो जाती है, जिसका असर वजाइना पर भी पड़ता है। दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं। इसके अलावा सूप, गुनगुना पानी और तरल चीजों को डाइट में शामिल करें।
सही तरीके से वजाइना की सफाई करें
वजाइना की सफाई बहुत जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा या गलत तरीके से सफाई करना नुकसानदायक हो सकता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि हल्के गुनगुने पानी से वजाइना को साफ करें। इससे स्किन ड्राई नहीं होती और नेचुरल नमी बनी रहती है। ध्यान रखें कि वजाइना को हमेशा आगे से पीछे की तरफ धोएं, ताकि बैक्टीरिया फैलने का खतरा कम हो सके। केमिकल वाले साबुन या परफ्यूम्ड प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बचें।
कॉटन अंडरवियर पहनना है फायदेमंद
सर्दियों में लोग भारी और टाइट कपड़े ज्यादा पहनते हैं, जिससे वजाइनल एरिया में हवा नहीं लग पाती। इससे पसीना और नमी जमा हो सकती है, जो खुजली और इंफेक्शन का कारण बनती है। ऐसे में कॉटन अंडरवियर पहनना सबसे बेहतर होता है। यह स्किन को सांस लेने देता है और नमी को सोख लेता है, जिससे खुजली और जलन की समस्या कम होती है।
हल्का मॉइश्चराइजर भी आ सकता है काम
अगर आपको सर्दियों में बार-बार वजाइना के आसपास ड्राईनेस महसूस होती है, तो डॉक्टर की सलाह से हल्का, फ्रेगरेंस-फ्री मॉइश्चराइजर इस्तेमाल किया जा सकता है। ध्यान रखें कि मॉइश्चराइजर सिर्फ वजाइना के बाहरी हिस्से पर ही लगाएं, अंदर बिल्कुल न लगाएं। गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
गीलापन न रहने दें
वजाइना को धोने के बाद उसे गीला छोड़ देना भी परेशानी बढ़ा सकता है। गीलापन रहने से खुजली और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए वॉश करने के बाद वजाइनल एरिया को साफ और सूखे तौलिए से हल्के हाथों से अच्छी तरह सुखा लें।
निष्कर्ष
सर्दियों में वजाइना की खुजली और रूखेपन की समस्या को नजरअंदाज करना सही नहीं है। थोड़ी सी समझदारी और डॉक्टर के बताए आसान टिप्स अपनाकर इस परेशानी से बचा जा सकता है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
