Sweet Potato Benefits: सर्दियों का मौसम आते ही बाजारों में शकरकंद खूब नजर आने लगती है। देखने में यह आलू जैसी होती है, लेकिन इसका स्वाद हल्का मीठा होता है। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ एक स्वादिष्ट स्नैक मानते हैं, लेकिन असल में शकरकंद पोषण का खजाना है। यह शरीर को अंदर से गर्म रखने के साथ-साथ कई गंभीर बीमारियों से भी बचाने में मदद करती है। विटामिन, मिनरल, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर शकरकंद अगर रोजाना सही तरीके से खाई जाए, तो सेहत को जबरदस्त फायदे मिल सकते हैं।
शकरकंद विटामिन A, विटामिन C, पोटैशियम, मैग्नीशियम और बीटा-कैरोटीन से भरपूर होती है। ये सभी पोषक तत्व शरीर को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। सर्दियों में जब इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है, तब शकरकंद शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करती है। यही वजह है कि इसे सर्दियों का सुपरफूड कहा जाता है।
डायबिटीज में भी फायदेमंद है शकरकंद
अक्सर लोग इस सोच में पड़ जाते हैं कि इसके मीठे स्वाद की वजह से डायबिटीज के मरीजों को सेवन नहीं करना चाहिए। लेकिन नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की डाइटिशियन कामिनी सिन्हा बताती हैं कि शकरकंद लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला फूड है। इसका मतलब है कि यह धीरे-धीरे पचती है और ब्लड शुगर को अचानक नहीं बढ़ाती। इसमें मौजूद फाइबर ग्लूकोज के अवशोषण को नियंत्रित करता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाता है। खासतौर पर लाल और बैंगनी रंग की शकरकंद एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं, जो डायबिटीज मरीजों के लिए ज्यादा फायदेमंद मानी जाती हैं।
पाचन तंत्र के लिए वरदान है शकरकंद
शकरकंद फाइबर का बेहतरीन स्रोत है। इसमें मौजूद सॉल्यूबल फाइबर कब्ज, गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है। यह पेट में एक जैल जैसा पदार्थ बनाता है, जिससे मल नरम हो जाता है और आसानी से बाहर निकलता है। इसके अलावा शकरकंद में प्रीबायोटिक गुण भी होते हैं, जो आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं और पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं।
आंखों की रोशनी बढ़ाने में मददगार
शकरकंद में मौजूद बीटा-कैरोटीन शरीर में जाकर विटामिन A में बदल जाता है, जो आंखों की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। इसका नियमित सेवन ड्राई आई, नाइट ब्लाइंडनेस और उम्र के साथ होने वाली आंखों की कमजोरी को रोकने में मदद करता है। साथ ही यह मैक्युलर डिजेनरेशन जैसी गंभीर आंखों की समस्या के खतरे को भी कम करता है।
दिल को रखे स्वस्थ और मजबूत
डाइटिशियन के अनुसार, शकरकंद में पोटैशियम और मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा होती है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करती है। इसके एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में सूजन को कम करते हैं, जो हार्ट डिजीज की एक बड़ी वजह मानी जाती है। शकरकंद बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने और गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में भी सहायक होती है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।
इम्यूनिटी बढ़ाने में कारगर
विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स की मौजूदगी शकरकंद को एक बेहतरीन इम्यूनिटी बूस्टर बनाती है। इसका नियमित सेवन शरीर को वायरल, बैक्टीरियल और फंगल संक्रमणों से लड़ने की ताकत देता है। सर्दियों में जब सर्दी-जुकाम और फ्लू का खतरा ज्यादा रहता है, तब शकरकंद बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है।
शकरकंद खाने का सही तरीका
डाइटिशियन कामिनी सिन्हा के अनुसार, शकरकंद को उबालकर या भूनकर खाना सबसे सुरक्षित और सेहतमंद तरीका है। इसे फ्राई करके खाने से इसमें कैलोरी और फैट बढ़ जाता है, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उबली या भुनी हुई शकरकंद शरीर को ज्यादा फायदा देती है और आसानी से पच जाती है।
कब और कितनी मात्रा में खाएं शकरकंद
शकरकंद को दोपहर के समय या शाम के स्नैक के रूप में खाना बेहतर माना जाता है। रात में इसे खाने से गैस और पेट फूलने की समस्या हो सकती है। डायबिटीज वाले लोग इसका सेवन सीमित मात्रा में करें और भुनी हुई शकरकंद को प्राथमिकता दें। बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए शकरकंद का नियमित सेवन काफी फायदेमंद हो सकता है।
निष्कर्ष
शकरकंद सर्दियों में मिलने वाला एक सस्ता, स्वादिष्ट और बेहद पौष्टिक फूड है। यह न सिर्फ शरीर को गर्म रखती है, बल्कि पाचन, आंखों, दिल और इम्यूनिटी के लिए भी फायदेमंद है। अगर सही समय और सही तरीके से इसका सेवन किया जाए, तो यह आपकी सेहत को कई तरह से मजबूत बना सकती है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
