खराब डाइट, बिगड़ती दिनचर्या और बढ़ता मानसिक तनाव आज हाई ब्लड प्रेशर के सबसे बड़े कारण बनते जा रहे हैं। यही वजह है कि हाई बीपी को ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है, क्योंकि ये लंबे समय तक बिना किसी वार्निंग साइन के शरीर को नुकसान पहुंचाता रहता है। हाई ब्लड प्रेशर को अगर समय रहते कंट्रोल नहीं किया जाए तो ये दिल से लेकर किडनी और लंग्स के लिए खतरा बनते जाते हैं। एक हेल्दी इंसान का बीपी आमतौर पर 120/80 mmHg से कम होता है। लेकिन जब ये स्तर लगातार इससे ऊपर बना रहता है, तो शरीर धीरे-धीरे संकेत देने लगता है।
हाई बीपी के संकेत यानी बॉडी में दिखने वाले लक्षणों की बात करें तो बार-बार सिर दर्द होना, नसों में खिंचाव या भारीपन महसूस होना, आंखों में गर्मी या झनझनाहट, नसों का फड़फड़ाना, दिल की धड़कन तेज होना, घबराहट और जरूरत से ज्यादा पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हाई बीपी के इन लक्षणों को हल्के में लेना सेहत के साथ खिलवाड़ साबित हो सकता है। समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच कराना जरूरी है। समय पर जांच और सही लाइफस्टाइल बदलाव हाई बीपी से होने वाले गंभीर जोखिमों को काफी हद तक कम कर सकता हैं।
आयुर्वेद और मेडिकल साइंस में हाई बीपी को नॉर्मल करने के लिए कई तरीके मौजूद हैं जिनका इस्तेमाल करके आसानी से बीपी को नॉर्मल किया जा सकता है। ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए मेडिकल साइंस में कुछ रिसर्च बेस्ड तरीके मौजूद हैं जो आसानी से बीपी को नॉर्मल कर सकते हैं। कुछ एक्सरसाइज और कुछ फूड्स जो हर्ब्स की श्रेणी में आते हैं वो बीपी को नॉर्मल करने में दवा की तरह काम करते हैं। आइए जानते हैं कि अगर बीपी का स्तर हाई हो जाए तो उसे कैसे नॉर्मल कर सकते हैं।
आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज (Wall Sits) के रिसर्च बेस्ड फायदे
British Journal of Sports Medicine 2023 की एक बड़ी स्टडी में शोधकर्ताओं ने पाया कि दौड़ने या चलने से ज्यादा असरदार ‘आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज’ है। इस एक्सरसाइज में दीवार के सहारे कुर्सी जैसी मुद्रा में बैठना होता हैं। इसमें कमर को दीवार से सटा दिया जाता है और पैरों को बेंड करके कुर्सी की तरह बैठना होता है। जब आप मांसपेशियों को बिना हिलाए होल्ड करते हैं, तो ब्लड फ्लो कुछ पल के लिए रुकता है और छोड़ने पर तेजी से दौड़ता है। यह प्रक्रिया नसों को रिलैक्स करती है और बीपी को नॉर्मल करती है। शोधकर्ताओं के बीपी कंट्रोल करने के इस तरीके ने लोगों को चौंका दिया है। ये बीपी कंट्रोल करने का एक बेहतरीन तरीका है। दिन में सिर्फ 8 मिनट करके आप आराम से अपने बीपी को नॉर्मल कर सकते हैं। इसे करने के लिए आप 2 मिनट वॉल सिट करें फिर 2 मिनट आराम करें। इस तरह ये एक्सरसाइज 8 मिनट तक दोहराएं।
DASH डाइट से करें बीपी नॉर्मल
National Institutes of Health (NIH) द्वारा विकसित DASH (Dietary Approaches to Stop Hypertension) डाइट को बीपी कम करने के लिए दुनिया का सबसे सफल डाइट प्लान माना गया है। शोधकर्ताओं का दावा है कि ये डाइट केवल 2 हफ्ते में ही बीपी को 8-14 पॉइंट्स तक कम कर सकती है। इस डाइट प्लान के मुताबिक डाइट में पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम बढ़ाया जाता है। डाइट में फल, सब्जियां, लो-फैट डेयरी प्रोडक्ट को शामिल किया जाता है। बीपी नॉर्मल करने के लिए खाने में नमक का सेवन कंट्रोल करें।
4-7-8 ब्रीदिंग तकनीक को अपनाएं
Journal of Human Hypertension में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक वैज्ञानिक दावा है कि धीमी और गहरी सांस लेने से शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड (Nitric Oxide) का उत्पादन बढ़ता है। नाइट्रिक ऑक्साइड नसों (Blood Vessels) को चौड़ा करता है, जिससे खून आसानी से बहता है और बीपी तुरंत नीचे आता है। इसे करने के लिए आप 4 सेकंड सांस लें, 7 सेकंड होल्ड करें, 8 सेकंड में धीरे-धीरे फिर छोड़ें।
हिबिस्कस टी से करें बीपी कंट्रोल
The Journal of Nutrition की स्टडी के मुताबिक गुड़हल (Hibiscus) की चाय बीपी की कुछ एलोपैथिक दवाओं जैसे Captopril की तरह ही प्रभावी पाई गई है। इसमें ‘एंथोसायनिन’ होते हैं जो एंजियोटेंशिन-कन्वर्टिंग एंजाइम (ACE) को रोकते हैं, जिससे नसें सिकुड़ती नहीं हैं और बीपी नॉर्मल रहता है। रोजाना 2-3 कप चाय पिएं तो आपकी बॉडी को फायदा होगा।
पोटैशियम का करें सेवन
American Heart Association के अनुसार शोधकर्ताओं ने पाया है कि पोटैशियम, सोडियम यानी नमक का दुश्मन है। जितना ज्यादा पोटैशियम आप खाएंगे, किडनी उतना ही ज्यादा नमक पेशाब के जरिए बाहर निकालेगी। आप डाइट में केला, पालक, शकरकंद और नारियल पानी का सेवन करें।
निष्कर्ष
बीपी को अगर अनदेखा किया जाए, तो दिल, किडनी और अन्य अंगों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। अच्छी बात यह है कि रिसर्च आधारित एक्सरसाइज, संतुलित DASH डाइट, सही ब्रीदिंग तकनीक और हिबिस्कस टी जैसे नेचुरल उपायों को अपनाकर बीपी को काफी हद तक नॉर्मल किया जा सकता है। साथ ही पोटैशियम युक्त फूड्स का सेवन और नमक पर कंट्रोल ब्लड प्रेशर मैनेजमेंट में अहम भूमिका निभाता है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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