यह कितनी कमाल की बात है न कि हमारी रोज की थाली में शामिल कुछ फूड्स दवा की तरह काम करते हैं। रागी ऐसा ही एक सुपर अनाज है, जिसे सही मायनों में नेचर की मेडिसिन कहा जा सकता है। स्वाद में लाजवाब रागी पोषण से भरपूर होती है और सर्दियों में शरीर को अंदर से मजबूत बनाती है। एंटीऑक्सिडेंट्स, फाइबर, कैल्शियम और आयरन से भरपूर रागी न सिर्फ एनर्जी देती है, बल्कि कई बीमारियों से भी बचाव करती है।
श्री साईं इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदिक रिसर्च एंड मेडिसिन की प्राचार्य डॉ. मनीषा राठी के अनुसार, रागी में कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है, जिससे शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है। इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा रहता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। इसमें मौजूद डाइटरी फाइबर पाचन को दुरुस्त रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। रागी में मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करता है।
सर्दियों में जोड़ों के दर्द का रामबाण इलाज
ठंड के मौसम में जोड़ों में दर्द, अकड़न और कट-कट की समस्या आम हो जाती है। ऐसे में रागी बेहद फायदेमंद साबित होती है। इसमें कैल्शियम की मात्रा गेहूं और चावल जैसे अनाजों से कहीं ज्यादा होती है। नियमित रूप से रागी की रोटी या दलिया खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं और जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है। बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह अनाज किसी वरदान से कम नहीं है।
डायबिटीज
डॉ. मनीषा राठी के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों के लिए रागी को सबसे सुरक्षित अनाज माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर और पॉलीफेनॉल्स ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ने से रोकते हैं। रागी धीरे-धीरे पचती है, जिससे शुगर लेवल संतुलित रहता है। रागी के डोसे, रोटियां या उपमा डायबिटीज पेशेंट्स की डाइट में जरूर शामिल होने चाहिए।
वजन घटाने के लिए
अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो रागी को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। इसके सेवन से लंबे समय तक पेट भरा रहता है। रागी मेटाबॉलिज्म को तेज करती है और शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी को धीरे-धीरे कम करने में मदद करती है। फिटनेस लवर्स और वेट लॉस कर रहे लोगों के लिए रागी एक परफेक्ट सुपरफूड है।
इम्युनिटी बढ़ाने में असरदार
सर्दियों में बीमारियों से बचने के लिए मजबूत इम्युनिटी बेहद जरूरी होती है। रागी में आयरन, अमीनो एसिड, विटामिन्स और एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर को संक्रमणों से बचाते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। रोज नाश्ते में रागी का दलिया, लड्डू या चीला खाने से शरीर अंदर से ताकतवर बनता है।
दिल को रखे स्वस्थ
रागी में मौजूद डाइटरी फाइबर दिल की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। यह ब्लड वेसल्स को साफ रखने में मदद करता है और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। नियमित रूप से रागी का सेवन करने से हृदय रोगों का खतरा कम हो जाता है। हार्ट पेशेंट्स के लिए रागी का आटा गेहूं का बेहतरीन विकल्प माना जाता है।
सर्दियों में शरीर को दे गर्माहट
रागी का सेवन शरीर को अंदर से गर्म रखता है। ठंड के मौसम में रागी का दलिया, खीर या सूप शरीर को ऊर्जा और गर्माहट दोनों देता है। यह सर्दी-जुकाम से बचाव करता है और जोड़ों की अकड़न को भी कम करता है। पहाड़ी इलाकों में रागी को मड़ुआ कहा जाता है और सर्दियों में इसे खासतौर पर खाया जाता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, रागी एक ऐसा अनाज है जो स्वाद, पोषण और सेहत तीनों का खजाना है। सर्दियों में अगर आप अपनी डाइट में रागी को शामिल करते हैं, तो कई बीमारियों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
