हम में से ज्यादातर लोग पेट दर्द, गैस या जलन को रोजमर्रा की समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। कभी घर के नुस्खे आजमा लेते हैं तो कभी बिना डॉक्टर से पूछे दवा खा लेते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बार-बार होने वाली पेट की समस्याओं के पीछे कोई गंभीर वजह भी हो सकती है? अंतर्राष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी (IARC) की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, अगर पेट की समस्याओं के कारणों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो गैस्ट्रिक कैंसर और गंभीर पाचन रोगों के खतरे को कम किया जा सकता है। यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. के. एस. सोमशेखर राव बताते हैं कि पेट दर्द, गैस और जलन के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिन्हें समझना बेहद जरूरी है। तो चलिए डॉ. के. एस. सोमशेखर राव से जानते हैं पेट में दर्द के साथ जलन या गैस होने के कारण और उपाय…
अपच और संक्रमण
पेट की समस्याओं में अपच सबसे आम कारण है। ज्यादा मसालेदार, तला-भुना और फैटी खाना, कैफीन का अधिक सेवन या जरूरत से ज्यादा खाना अपच को जन्म देता है। इसके अलावा वायरल गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसे संक्रमण भी पेट में ऐंठन वाला दर्द पैदा करते हैं, जिसके साथ दस्त और कमजोरी हो सकती है। अगर ये लक्षण कुछ ही दिनों में ठीक हो जाएं तो ज्यादा चिंता की बात नहीं होती, लेकिन अगर बार-बार परेशानी हो रही है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
पित्त की पथरी और आईबीएस
अगर पेट दर्द के साथ जलन या गैस लगातार बनी रहती है, तो पित्त की पथरी भी इसकी वजह हो सकती है। पित्त की पथरी होने पर नलिकाएं ब्लॉक हो जाती हैं, जिससे खासकर फैटी खाना खाने के बाद तेज दर्द होता है। वहीं इरिटेबल बाउल सिंड्रोम यानी IBS भी पेट दर्द और गैस का एक बड़ा कारण है। इसमें पेट में सूजन, रुक-रुककर ऐंठन और कभी कब्ज तो कभी दस्त की समस्या होती है। IBS अक्सर तनाव और मानसिक दबाव से जुड़ा होता है।
अनियमित खानपान और तनाव
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अनियमित भोजन, तनाव और एक्सरसाइज की कमी आम बात हो गई है। डॉ. राव के मुताबिक, प्रोसेस्ड फूड्स और जंक फूड का ज्यादा सेवन पेट की समस्याओं को तेजी से बढ़ा रहा है। जो लोग जल्दी-जल्दी खाते हैं, ठीक से चबाकर भोजन नहीं करते या ज्यादा कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पीते हैं, उनमें गैस और जलन की समस्या ज्यादा देखी जाती है। लंबे समय तक तनाव में रहना भी पाचन तंत्र को कमजोर कर देता है।
जीईआरडी: सीने की जलन का बड़ा कारण
अगर आपको बार-बार सीने में जलन महसूस होती है, तो यह गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग यानी GERD का संकेत हो सकता है। इस बीमारी में पेट का एसिड वापस इसोफेगस में चला जाता है, जिससे जलन और खट्टी डकारें आती हैं। मोटापा, प्रेग्नेंसी, हर्निया, धूम्रपान, शराब, चॉकलेट और टमाटर जैसी चीजों का ज्यादा सेवन GERD को बढ़ा सकता है। अगर इसका इलाज समय पर न किया जाए, तो इससे कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है।
जांच क्यों है जरूरी
डॉ. के. एस. सोमशेखर राव बताते हैं कि अगर पेट दर्द के साथ जलन और गैस लंबे समय तक बनी रहे, तो इसकी सही वजह जानने के लिए अल्ट्रासाउंड, एंडोस्कोपी या सांस की जांच करवानी चाहिए। कई बार ये लक्षण अपेंडिसाइटिस, पैंक्रियाटाइटिस या यहां तक कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की ओर इशारा करते हैं। समय पर जांच करवाने से बीमारी का जल्दी पता चल जाता है और इलाज आसान हो जाता है।
राहत के उपाय और सही डाइट
पेट दर्द और जलन से राहत के लिए डॉक्टर अक्सर एंटासिड दवाएं लेने की सलाह देते हैं, जो पेट के एसिड को कम करती हैं। इसके साथ ही डाइट में सुधार बेहद जरूरी है। प्रोबायोटिक्स को अपनी डाइट में शामिल करें, जैसे दही और छाछ। भारी भोजन की जगह छोटे-छोटे मील्स लें। खाने के बाद तुरंत लेटने से बचें और बदलते लक्षणों पर ध्यान दें। अगर कोई असामान्य लक्षण महसूस हों, तो तुरंत गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से संपर्क करें।
निष्कर्ष
पेट दर्द, जलन और गैस की समस्या को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। इसके पीछे पित्त की पथरी, IBS, GERD, अनियमित खानपान, तनाव और एक्सरसाइज की कमी जैसे कई कारण हो सकते हैं। अगर ये समस्याएं लंबे समय तक बनी रहें, तो गंभीर बीमारियों और कैंसर का खतरा भी हो सकता है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
