पीरियड्स के दौरान पेट के निचले हिस्से में दर्द या ऐंठन होना ज्यादातर महिलाओं के लिए आम बात है। कई महिलाएं इसे सामान्य मानकर सहन कर लेती हैं और अपनी रोजमर्रा की जिंदगी जारी रखती हैं। लेकिन हर बार पीरियड्स का दर्द सिर्फ दर्द नहीं होता। कभी-कभी यही दर्द शरीर की किसी बड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है। इसलिए यह समझना बहुत जरूरी है कि कब यह दर्द सामान्य है और कब इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
पीरियड्स में दर्द क्यों होता है?
जब महिलाओं को मासिक धर्म आता है, तो गर्भाशय की अंदरूनी परत यानी एंडोमेट्रियम झड़कर शरीर से बाहर निकलती है। इस परत को बाहर निकालने के लिए गर्भाशय सिकुड़ता और फिर ढीला होता है। यही सिकुड़न पीरियड्स के दौरान होने वाले क्रैम्प्स या दर्द का कारण बनती है। इस प्रक्रिया में प्रोस्टाग्लैंडिन नाम का एक केमिकल अहम भूमिका निभाता है। अगर शरीर में इसकी मात्रा ज्यादा हो जाए, तो गर्भाशय की मांसपेशियां ज्यादा जोर से सिकुड़ती है। नतीजा दर्द ज्यादा तेज और असहनीय हो जाता है। यही वजह है कि कुछ महिलाओं को हल्का दर्द होता है, जबकि कुछ को बहुत ज्यादा।
पीरियड्स में हल्का-फुल्का दर्द, कमर दर्द या पेट में खिंचाव होना आम बात है। आमतौर पर ये दर्द 1–2 दिन में अपने आप या हल्की दवा से ठीक हो जाता है। लेकिन अगर यही दर्द बहुत ज्यादा बढ़ जाए, लंबे समय तक बना रहे या आपकी दिनचर्या को प्रभावित करने लगे, तो यह चेतावनी हो सकती है कि शरीर के अंदर कुछ ठीक नहीं है।
जब दर्द के साथ दिखें ये लक्षण
अगर पीरियड्स के दौरान दर्द के साथ-साथ ये समस्याएं भी हों, तो सतर्क हो जाना चाहिए। इस दौरान तेज मतली या लगातार उल्टी, दस्त या पेट खराब रहना, चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना, बुखार या ठंड लगना या फिर इतना ज्यादा पेल्विक दर्द कि सहन करना मुश्किल हो। अगर दर्द अनबेरेबल यानी असहनीय स्तर तक पहुंच जाए, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से मिलना जरूरी है।
बहुत ज्यादा ब्लीडिंग भी खतरे की घंटी
पीरियड्स में खून आना सामान्य है, लेकिन अगर बहाव अचानक बहुत ज्यादा हो जाए तो यह चिंता की बात है। अगर एक घंटे में दो या उससे ज्यादा पैड या टैम्पॉन पूरी तरह भीग जाना, बहुत बड़े-बड़े खून के थक्के निकलना, पीरियड्स 7 दिन से ज्यादा चलना। ये लक्षण फाइब्रॉइड्स, हार्मोनल गड़बड़ी या किसी और गंभीर समस्या का संकेत हो सकते हैं। ऐसी हालत में देर किए बिना डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
अगर दर्द पहले से ज्यादा चलना
कई महिलाएं कहती हैं कि पहले तो इतना दर्द नहीं होता था। अगर आपके साथ भी ऐसा है और अब पीरियड्स का दर्द पहले से ज्यादा तेज, लंबा या अलग तरह का महसूस हो रहा है, तो इसे सामान्य न समझें। यह एंडोमेट्रिओसिस, एडेनोमायोसिस या पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिज़ीज (PID) जैसी बीमारियों का संकेत हो सकता है। इन समस्याओं में समय पर इलाज बहुत जरूरी होता है।
निष्कर्ष
पीरियड्स में दर्द होना आम है, लेकिन हर दर्द को सामान्य मान लेना सही नहीं। शरीर बार-बार संकेत देता है, बस जरूरत है उन्हें समझने की। अगर दर्द असहनीय हो, ब्लीडिंग बहुत ज्यादा हो या आपकी दिनचर्या प्रभावित हो रही हो, तो डॉक्टर से मिलना ही सबसे समझदारी भरा कदम है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
