उम्र बढ़ने पर ज्यादातर लोगों को पैरों, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द की शिकायत होती है। इन सभी परेशानियों की वजह से चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है, फुर्ती कम होने लगती है और शरीर जल्दी थकने लगता है। लेकिन आप जानते हैं कि सर्दी में कम उम्र में ही लोगों को पैरों में दर्द की शिकायत होने लगती है। वैज्ञानिक रूप से ठंड में हमारा शरीर बॉडी के मुख्य अंगों जैसे हृदय और फेफड़े को गर्म रखने के लिए रक्त प्रवाह को अंदर की ओर मोड़ देता है। इससे हाथ-पैरों की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। पैरों की मांसपेशियों तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण नहीं पहुंच पाता, जिससे उनमें कमजोरी और थकान महसूस होती है।
सर्दियों में धूप कम निकलती है, जिससे शरीर में विटामिन-D का स्तर गिर जाता है। विटामिन-D हड्डियों के साथ-साथ मांसपेशियों के कार्य के लिए भी जरूरी है। इसकी कमी से ‘ऑस्टियोमैलेसिया’ या मांसपेशियों में कमजोरी होने लगती है, जो सबसे पहले पैरों में महसूस होती है।
सदगुरु जग्गी वासुदेव के मुताबिक सर्दी में सही खानपान और पारंपरिक खाद्य पदार्थों का डाइट में सेवन इस कमजोरी को काफी हद तक रोक सकता है। कुछ फूड्स ऐसे हैं जिनका सेवन सर्दी में रात में पानी में भिगोकर करें तो पैरों की कमजोरी दूर होती है और पैरों में ताकत आती है। आइए जानते हैं कि कौन-कौन से ऐसे फूड हैं जो पैरों को ताकत देते हैं।
काले तिल खाएं हड्डियों और जोड़ों के लिए अमृत हैं
काले तिल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और खासतौर पर कार्टिलेज और जोड़ों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। इन सीड्स का सेवन करने से हड्डियों और जोड़ों को मजबूती मिलती है। Journal of Agricultural and Food Chemistry में प्रकाशित अध्ययनों के अनुसार, इसमें मौजूद जिंक हड्डियों के घनत्व (Bone Density) को बढ़ाने और ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में मदद करते हैं। इसका सेवन करने से आयरन की कमी दूर होती है और दिल की सेहत दुरुस्त रहती है। ये सीड्स महिलाओं में ओवुलेशन को सपोर्ट करते हैं। भुने हुए काले तिल को अच्छी तरह चबाकर खाएं सर्दियों में फायदा होगा।
कुलथी दाल खाएं पैरों में ताकत आएगी
Journal of Food Science and Technology के अनुसार, कुलथी दाल में पौधों पर आधारित प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है। पैरों की मांसपेशियां शरीर का सबसे ज्यादा भार उठाती हैं। कुलथी में मौजूद अमीनो एसिड मांसपेशियों के ऊतकों की मरम्मत करते हैं, जिससे पैरों की कमजोरी और थकान दूर होती है। कुलथी को दुनिया की सबसे ज्यादा प्रोटीन वाली दालों में गिना जाता है। यही वजह है कि इसे पारंपरिक रूप से ताकत बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। सर्दी में इस दाल का सेवन करने से मांसपेशियों और पैरों में ताकत आती है। ये दाल जोड़ों की अकड़न कम करने में मदद करती है और स्टैमिना बूस्ट करती है।
आंवला और काली मिर्च शहद में भिगोकर खाएं
आंवला विटामिन C का बेहतरीन स्रोत है और शहद के साथ इसका सेवन इम्यूनिटी को मजबूत करता है। ये दोनों चीजें शरीर को अंदर से डिटॉक्स करती हैं, उम्र बढ़ने के असर को धीमा करती हैं। आंवला और काली मिर्च को शहद में रात भर भिगो दें और अगली सुबह दिन में 2–3 बार इसका सेवन करें।
भिगोई हुई मूंगफली और केला खाएं
भिगोई हुई मूंगफली और केला शरीर को जरूरी फैट, प्रोटीन और एनर्जी देने में मदद करते हैं। मूंगफली और केला का सेवन लंबे समय तक करने से बॉडी में एनर्जी बूस्ट रहती है। ये मूंगफली मांसपेशियों को पोषण देती है, कमजोरी और थकान दूर करती है। मूंगफली को 6–8 घंटे भिगोकर खाएं पैरों में जान आएगी।
अंकुरित मेथी दाना खाएं
अंकुरित मेथी का सेवन कई तरह से बॉडी को फायदा पहुंचाता है। 50+ उम्र वालों के लिए अंकुरित मेथी दाना का सेवन आवश्यक है। अंकुरित मेथी न केवल वजन और शुगर के लिए अच्छी है, बल्कि यह आपके पैरों की मांसपेशियों और नसों के लिए एक ‘पावर बूस्टर’ का काम करती है। अंकुरण (Sprouting) के बाद इसके पोषक तत्व 300% तक बढ़ जाते हैं। अंकुरित मेथी दाना खून को साफ करने और उम्र से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मददगार साबित होते हैं। ये दाने सूजन को कंट्रोल करते हैं। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि अंकुरण की प्रक्रिया में मेथी में विटामिन-B कॉम्प्लेक्स और मैग्नीशियम की मात्रा बढ़ जाती है।
journal of Ethno-pharmacology के अनुसार, मेथी में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। सर्दियों में या बढ़ती उम्र में पैरों के जोड़ों में होने वाली सूजन और दर्द को ये प्राकृतिक रूप से कम करती है, जिससे चलने-फिरने में पैर ‘हल्के’ और ताकतवर महसूस होते हैं
निष्कर्ष
बढ़ती उम्र में कमजोरी, जोड़ों का दर्द और कम इम्यूनिटी को नजरअंदाज करना सही नहीं है। रसोई में मौजूद ये पारंपरिक खाद्य पदार्थ सही तरीके और नियमित सेवन से शरीर में दोबारा ताकत, फुर्ती और संतुलन ला सकते हैं।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
