How to reduce Back Pain: आज के समय में बहुत से लोग ऐसे काम करते हैं, जिनमें उन्हें घंटों तक खड़े रहना पड़ता है। दुकानों में काम करने वाले कर्मचारी, फैक्ट्री वर्कर, रसोइए, नर्स, सुरक्षाकर्मी और शिक्षक जैसे कई लोग पूरे दिन खड़े रहकर अपनी ड्यूटी निभाते हैं। शुरुआत में यह सामान्य लग सकता है, लेकिन धीरे-धीरे इसका असर शरीर पर दिखने लगता है। लंबे समय तक खड़े रहने से रीढ़ की हड्डी, कमर, घुटनों और पैरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे पीठ दर्द, जोड़ों में अकड़न और थकान की समस्या होने लगती है। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह परेशानी गंभीर रूप भी ले सकती है। गलत पॉश्चर, खराब क्वालिटी के जूते और लगातार एक ही पोजीशन में खड़े रहना दर्द को और बढ़ा देता है। लखनऊ के केयर इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फिजिशियन डॉ. सीमा यादव का कहना है कि कुछ आसान आदतों को अपनाकर इस दर्द से काफी हद तक राहत पाया जा सकता है।
आरामदायक और सही जूते
अगर आपको लंबे समय तक खड़े रहना पड़ता है, तो सबसे पहले अपने जूतों पर ध्यान देना चाहिए। जूतों की क्वालिटी आपके शरीर की सेहत में बड़ी भूमिका निभाती है। हमेशा ऐसे जूते पहनें जिनका सोल नरम हो और जो पैरों को अच्छी पकड़ दें। बहुत ज्यादा सख्त जूते या ऊंची हील पहनने से पीठ और घुटनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। डॉ. सीमा यादव के अनुसार, अगर संभव हो तो ऑर्थोपेडिक इंसोल वाले जूते पहनना बेहतर रहता है। ये जूते पैरों को सही सपोर्ट देते हैं और दर्द को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, लंबे समय तक खड़े रहने के दौरान जूते बदलना भी एक अच्छा उपाय हो सकता है, जिससे पैरों में सूजन और थकान कम होती है।
बीच-बीच में स्ट्रेचिंग करना न भूलें
लगातार खड़े रहने से मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं, जिससे पीठ और पैरों में दर्द बढ़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप बीच-बीच में हल्की स्ट्रेचिंग जरूर करें। हर 30 से 40 मिनट में थोड़ी देर के लिए शरीर को हिलाएं-डुलाएं। पैरों, कमर और पीठ की हल्की स्ट्रेचिंग करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। गर्दन और कंधों को घुमाने की एक्सरसाइज भी काफी फायदेमंद होती है। हल्के स्क्वैट्स और लंजेस करने से मांसपेशियां एक्टिव रहती हैं और थकान कम महसूस होती है।
सॉफ्ट कुशन या एंटी-फटीग मैट का इस्तेमाल करें
अगर आपका काम ऐसा है कि आपको एक ही जगह पर खड़े रहना पड़ता है, तो सॉफ्ट कुशन या एंटी-फटीग मैट का इस्तेमाल जरूर करें। यह पैरों और रीढ़ की हड्डी पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है। सीधे सख्त फर्श पर खड़े रहने की तुलना में यह जोड़ों और मांसपेशियों को ज्यादा आराम देता है। दुकान, फैक्ट्री या किचन में काम करने वालों के लिए यह बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। पैरों के नीचे कुशनिंग होने से शरीर का संतुलन बेहतर रहता है और दिन के अंत में थकान कम महसूस होती है।
कोर मसल्स को मजबूत बनाना है फायदेमंद
अगर आपकी कोर मसल्स मजबूत होंगी, तो लंबे समय तक खड़े रहने से होने वाला पीठ दर्द काफी हद तक कम हो सकता है। कोर मसल्स में पेट और कमर की मांसपेशियां शामिल होती हैं, जो शरीर को सहारा देती हैं। नियमित रूप से प्लैंक, ब्रिज एक्सरसाइज और डेडलिफ्ट जैसी एक्सरसाइज करने से कोर मजबूत होती है। इसके अलावा योग और पिलेट्स भी बेहद फायदेमंद हैं। मजबूत कोर मसल्स शरीर को सही पॉश्चर में बनाए रखने में मदद करती हैं और रीढ़ की हड्डी पर दबाव कम पड़ता है।
सही पॉश्चर
लंबे समय तक खड़े रहने पर सही पॉश्चर बनाए रखना बहुत जरूरी है। हमेशा कोशिश करें कि आपकी रीढ़ सीधी रहे और कंधे रिलैक्स हों। ज्यादा देर तक एक ही पोजीशन में खड़े न रहें, समय-समय पर अपना वजन एक पैर से दूसरे पैर पर शिफ्ट करते रहें। झुककर या आगे की ओर झुककर खड़े होने से बचें, क्योंकि इससे पीठ दर्द बढ़ सकता है। अगर आपको लंबे समय तक खड़ा रहना है, तो घुटनों को हल्का मोड़कर रखें, ताकि उन पर ज्यादा दबाव न पड़े।
निष्कर्ष
लंबे समय तक खड़े रहने से होने वाला पीठ दर्द एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन सकता है। हालांकि, सही जूते पहनकर, नियमित स्ट्रेचिंग करके, सॉफ्ट मैट का इस्तेमाल करके, कोर मसल्स मजबूत बनाकर और सही पॉश्चर अपनाकर इस दर्द से काफी हद तक बचा जा सकता है। अगर दर्द ज्यादा बढ़ जाए, तो डॉक्टर से सलाह लेना भी जरूरी है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
