Winter Special Warm Foods: घने कोहरे और कड़कड़ाती ठंड के मौसम में शरीर को अंदर से गर्म, सक्रिय और ऊर्जावान रखना बेहद जरूरी हो जाता है। इस समय ठंडी हवाएं सिर्फ स्किन को ही नहीं, बल्कि शरीर के मेटाबॉलिज्म, इम्यून सिस्टम और ब्लड सर्कुलेशन को भी प्रभावित करती हैं। लगातार ठंड के संपर्क में रहने से शरीर सुस्त पड़ने लगता है, हाथ-पैर ठंडे रहते हैं और थकान जल्दी महसूस होने लगती है।

सर्दियों में ठंडी हवा के कारण सर्दी-खांसी, जुकाम, गले में खराश, जोड़ों के दर्द और मांसपेशियों में अकड़न जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। कोहरे के चलते धूप कम मिलने से शरीर में विटामिन-D की कमी भी हो सकती है, जिससे इम्यूनिटी कमजोर पड़ती है। यही वजह है कि इस मौसम में सिर्फ बाहरी गर्म कपड़े पहनना ही काफी नहीं होता, बल्कि शरीर को अंदर से गर्म रखने वाली डाइट और लाइफस्टाइल अपनाना भी जरूरी होता है।

गर्म और पौष्टिक भोजन शरीर में अंदरूनी गर्मी बनाए रखते हैं और लंबे समय तक ऊर्जा देते हैं। साथ ही हल्की एक्सरसाइज, गुनगुना पानी पीना और पर्याप्त नींद लेना भी ठंड से बचाव में मदद करता है। सही देखभाल से सर्दियों के इस मौसम में भी शरीर को फिट, एक्टिव और बीमारियों से दूर रखा जा सकता है। कड़ाके की ठंड में आप भी बॉडी को हीट करना चाहते हैं तो कुछ फूड्स का सेवन

जड़ वाली सब्जियां (Root Vegetables) खाएं

अगर आप सर्दी में बॉडी को गर्म रखना चाहते हैं तो जड़ वाली सब्जियां खाएं। गाजर, शकरकंद और चुकंदर ऐसी जड़ वाली सब्जियां हैं जो सर्दियों के लिए एनर्जी कैप्सूल हैं। Journal of Food Science and Technology के अनुसार जड़ वाली सब्जियों में जटिल कार्बोहाइड्रेट होते हैं। इनका पाचन धीमा होता है, जिसे Specific Dynamic Action कहा जाता है। पाचन की इस धीमी प्रक्रिया के दौरान शरीर अधिक कैलोरी बर्न करता है, जिससे लंबे समय तक बॉडी में गर्मी पैदा होती है। इनमें मौजूद विटामिन A और C कड़ाके की ठंड में आपकी इम्यूनिटी को फौलादी बनाते हैं।

बाजरा और रागी (Millets) हैं विंटर पावर हाउस

सर्दियों में गेहूं के बजाय बाजरा या रागी का सेवन अधिक फायदेमंद है। बाजरा एक ग्लूटेन-फ्री अनाज है जिसमें हाई प्रोटीन और फाइबर होता है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम और पोटैशियम ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करता हैं, जिससे हाथ-पैर ठंडे नहीं पड़ते। ये आयरन का बेहतरीन स्रोत है, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाकर सर्दियों में होने वाली सुस्ती और थकान को दूर करता है।

तिल और अलसी के बीज हैं जादू

तिल और अलसी के छोटे दाने सर्दियों में शरीर के लिए सुरक्षा कवच का काम करते हैं। शोध बताते हैं कि तिल में मौजूद सेसामिन (Sesamin) मेटाबॉलिज्म को सक्रिय करता है। इनमें मौजूद हेल्दी फैट्स और ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर की कोशिकाओं को मॉइस्चराइज रखते हैं, जिससे सर्दियों में त्वचा और जोड़ों में सूखापन नहीं आता।

देसी घी आंतों का लुब्रिकेंट और एनर्जी बूस्टर

आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही सर्दियों में घी का सेवन करना जरूरी बताते हैं। घी में मडियम चेन फैटी एसिड (MCFA) होते हैं, जिन्हें लिवर तुरंत अवशोषित कर ऊर्जा में बदल देता है। यह शरीर में अचानक गर्मी पैदा करने का सबसे शुद्ध स्रोत है। ये विटामिन A,विटामिनD,विटामिनE और विटामिन K को सोखने में शरीर की मदद करता है और जोड़ों के दर्द (Joint Pain) में राहत देता है।

मसाले हैं मेटाबॉलिक फायर

अदरक, लहसुन और दालचीनी केवल स्वाद के लिए नहीं हैं, ये मसाले दवा की तरह काम करते हैं। CBI की एक रिसर्च के अनुसार अदरक में ‘जिंजरोल’ (Gingerol) होता है जो थर्मोजेनिक प्रभाव डालता है। ये मसाले वासोडिलेशन (Vasodilation) को बढ़ावा देते हैं, जिससे रक्त वाहिकाएं खुलती हैं और पूरे शरीर में खून का प्रवाह बढ़ जाता है, जिससे तुरंत गर्माहट महसूस होती है।

डिस्क्लेमर

यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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