आज के समय में घुटनों का दर्द तेजी से बढ़ती हुई समस्या बन गया है। पहले यह परेशानी ज्यादातर बुजुर्गों तक ही सीमित रहती थी, लेकिन अब युवा भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। गलत खानपान, घंटों तक बैठे रहना, मोबाइल और लैपटॉप का ज्यादा इस्तेमाल, शारीरिक मेहनत की कमी और बदलती जीवनशैली इसके बड़े कारण हैं। शुरुआत में हल्का दर्द नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन समय के साथ यही दर्द चलने-फिरने में परेशानी पैदा करने लगता है। घुटनों के दर्द से परेशान लोग अक्सर पेनकिलर दवाइयों, इंजेक्शन, स्प्रे और मसाज ऑयल का सहारा लेते हैं। इन उपायों से कुछ समय के लिए राहत जरूर मिलती है, लेकिन दर्द बार-बार लौट आता है। लंबे समय तक दवाइयों का सेवन शरीर पर साइड इफेक्ट भी डाल सकता है। ऐसें में आपके लिए यह आयुर्वेद उपाय जरूर काम आ सकता है…
बागेश्वर के आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. ऐजल पटेल के अनुसार, घुटनों के दर्द के लिए पारिजात यानी हरसिंगार के पत्तों का काढ़ा बेहद असरदार घरेलू उपाय है। यह नुस्खा वर्षों से ग्रामीण इलाकों में अपनाया जा रहा है। पारिजात का पौधा औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। इसके पत्तों में एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटी-ऑक्सीडेंट और दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं। आयुर्वेद में इसे जोड़ों की सूजन, जकड़न और दर्द को कम करने वाली प्रभावी जड़ी-बूटी माना गया है। इसके नियमित सेवन से हड्डियों को मजबूती मिलती है और घुटनों की सूजन धीरे-धीरे कम होने लगती है।
काढ़ा बनाने की विधि
हरसिंगार के पत्तों का काढ़ा बनाना बहुत ही सरल है। इसके लिए 4 से 5 ताजे पत्ते लें और उन्हें अच्छी तरह धो लें। अब एक गिलास पानी में इन पत्तों को डालकर उबालें। जब पानी आधा रह जाए, तो गैस बंद कर दें। काढ़े को छानकर गुनगुना ही पिएं। डॉ. पटेल बताते हैं कि सुबह खाली पेट इसका सेवन करना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, अगर इस काढ़े का नियमित सेवन किया जाए तो करीब एक हफ्ते में ही घुटनों के दर्द में राहत महसूस होने लगती है। धीरे-धीरे जकड़न कम होती है और चलने-फिरने में आसानी आने लगती है। लंबे समय तक सेवन करने से जोड़ों की सेहत बेहतर बनी रहती है।
आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. ऐजल पटेल के अनुसार, हरसिंगार का काढ़ा सिर्फ घुटनों के दर्द में ही नहीं, बल्कि पीठ दर्द, शरीर की अकड़न और सामान्य थकान में भी फायदेमंद है। गांव की बुजुर्ग महिलाएं आज भी हरसिंगार के पेड़ को औषधि का खजाना मानती हैं और घरेलू इलाज में इसकी पत्तियों का इस्तेमाल करती हैं।
किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी
हालांकि यह नुस्खा प्राकृतिक है, लेकिन कुछ लोगों को इसका सेवन करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। डायबिटीज, हार्ट प्रॉब्लम या किडनी से जुड़ी बीमारी से पीड़ित लोग डॉक्टर की सलाह जरूर लें। गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चे भी बिना विशेषज्ञ की राय के इसका सेवन न करें।
निष्कर्ष
आज के समय में जब घुटनों का दर्द लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है, तब पारिजात का यह घरेलू नुस्खा एक सस्ता, आसान और असरदार विकल्प बनकर सामने आया है। सही तरीके और नियमित सेवन के साथ यह आयुर्वेदिक नुस्खा घुटनों के दर्द से छुटकारा पाने में मददगार साबित हो सकता है।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
