Spices Benefits: भारतीय रसोई में मसालों की खुशबू और स्वाद के बिना भोजन अधूरा सा लगता है। हल्दी, जीरा, सौंफ और अदरक जैसे मसाले केवल खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाते, बल्कि सेहत के लिहाज से भी इन्हें किसी औषधि से कम नहीं माना जाता। दादी-नानी के पारंपरिक नुस्खों से लेकर आज की आधुनिक जीवनशैली तक, मसाले हमेशा से भारतीय खानपान का अहम हिस्सा रहे हैं। ऐसे में आइए हेल्थ एक्सपर्ट से जानते ये मसाले कितने फायदेमंद हैं।
हल्दी
जॉन हॉपकिन्स मेडिसिन के अनुसार, हल्दी में मौजूद करक्यूमिन नामक सक्रिय तत्व मेमोरी को बेहतर बनाने, दिमाग में सूजन को कम करने और कुछ प्रकार के कैंसर से बचाव में मदद कर सकता है। इसके अलावा करक्यूमिन गठिया से पीड़ित लोगों में दर्द और सूजन को कम करने में भी प्रभावी माना जाता है। इतना ही नहीं, हल्दी गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने और बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को घटाने में सहायक है, जिससे दिल की सेहत भी बेहतर बनी रहती है।
इसके अलावा हल्दी में मौजूद करक्यूमिन तत्व शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने और जोड़ों को मजबूत रखने में मदद करता है। पुराने समय से हल्दी का इस्तेमाल चोट, सर्दी-खांसी और पेट की समस्याओं में किया जाता रहा है। हल्दी दूध यानी हल्दी वाला दूध आज भी सबसे भरोसेमंद घरेलू नुस्खा माना जाता है।
जीरा, सौंफ और इलायची
हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, जीरा, सौंफ और इलायची लगभग हर भारतीय रसोई में मिल जाते हैं और ये पाचन के लिए बहुत फायदेमंद हैं। जीरा मेटाबॉलिज़्म को तेज करता है और पेट को हल्का रखता है। सौंफ शरीर को ठंडक देती है और मुंह की बदबू दूर करने में मदद करती है। वहीं इलायची शरीर को डिटॉक्स करती है और मन को भी शांत रखती है। इन तीनों मसालों का इस्तेमाल चाय, काढ़े, मसाले और भोजन के बाद माउथ फ्रेशनर के रूप में किया जाता है।
अदरक, काली मिर्च और लौंग
मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अदरक, काली मिर्च और लौंग बेहद काम के मसाले हैं। ये मसाले शरीर को गर्म रखते हैं, ब्लड सर्कुलेशन सुधारते हैं और इम्युनिटी मजबूत करते हैं। NCBI के मुताबिक, अदरक मतली कम करता है और गले को आराम देता है। काली मिर्च खाने में मौजूद पोषक तत्वों को शरीर में अच्छे से अवशोषित होने में मदद करती है। तो वहीं लौंग में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो दांत दर्द और मुंह की समस्याओं में राहत देते हैं।
दालचीनी और जायफल
दालचीनी और जायफल ऐसे मसाले हैं जो खाने में खुशबू, गर्माहट और आराम का एहसास लाते हैं। दालचीनी ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने और दिल की सेहत सुधारने में मदद करती है। वहीं जायफल, अगर सीमित मात्रा में लिया जाए, तो पाचन सुधारता है और अच्छी नींद लाने में सहायक होता है। सर्दियों में इन मसालों का इस्तेमाल खास तौर पर मिठाइयों और खास ड्रिंक्स में किया जाता है।
मसालों का सही इस्तेमाल है जरूरी
हालांकि मसाले सेहत के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन इन्हें संतुलित मात्रा में ही इस्तेमाल करना चाहिए। ज्यादा मसालेदार खाना पेट की समस्याएं भी पैदा कर सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, रोजमर्रा के खाने में मसालों को समझदारी से शामिल करें, ताकि स्वाद के साथ सेहत भी बनी रहे।
निष्कर्ष
भारतीय मसाले सिर्फ रसोई की शान नहीं, बल्कि हमारी सेहत के रक्षक भी हैं। हल्दी से लेकर दालचीनी तक, हर मसाले की अपनी खास पहचान और ताकत है। अगर इन्हें सही मात्रा और सही तरीके से अपनी डाइट में शामिल किया जाए, तो ये शरीर को मजबूत, मन को शांत और जीवन को स्वस्थ बना सकते हैं। यही वजह है कि भारतीय मसाले आज भी पूरी दुनिया में अपनी खास जगह बनाए हुए हैं।
डिस्क्लेमर
यह स्टोरी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। किसी भी तरह के स्वास्थ्य संबंधी बदलाव या डाइट में परिवर्तन करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
